देहरादून लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। दिल्ली से लौटने के बाद रावत ने मुजफ्फरनगर में राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया और हरिद्वार में मां गंगा का आशीर्वाद लेकर प्रदेश में चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
बीजेपी को ‘ओपन चैलेंज’ देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद हरीश रावत ने बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है, तो उनके तीन साल के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमीशन गठित करे।
रावत ने कहा कि इस जांच में ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी सभी एजेंसियों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर चुनाव से पहले उनके या उनके सहयोगियों के यहां एजेंसियों का पहुंचना एक राजनीतिक नैरेटिव है, जिससे वे डरने वाले नहीं हैं।
पदों से इस्तीफा: एक खास रणनीति कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रावत ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बनाए जा रहे कथित भ्रष्ट नैरेटिव का असर कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करते रहेंगे। जल्द ही वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे और आलाकमान के निर्देशों का पालन करेंगे।
2027 के लिए फूंका चुनावी बिगुल आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर रावत काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास का सपना बिखर रहा है और अगर आने वाले चुनाव में फिर कोई गलती हुई, तो उत्तराखंड को संभालना नामुमकिन होगा। उन्होंने खुद को वंचितों की आवाज बताते हुए वादा किया कि वे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोषित समाज के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
नौकरियों के मुद्दे पर आर-पार बीजेपी की ओर से लग रहे नौकरियां बेचने के आरोपों को रावत ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने दोहराया कि यदि उनके कार्यकाल में कोई भी गलत काम हुआ है, तो जांच के जरिए उसे साबित किया जाए, वे कानून का सामना करने के लिए तैयार हैं।
रावत का यह आक्रामक रुख साफ इशारा कर रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है।
*शहीदों का सम्मान, उत्तराखंड का स्वाभिमान। 🙏
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) September 20, 2026
रामपुर शहीद स्मारक, रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया।
इन शहीदों के बलिदान को हम कभी भुला नहीं सकते। उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही हमारी सच्ची… pic.twitter.com/1mP3AEb0vC
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