उत्तर भारत में बढ़ते जल संकट और बिजली की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में छह राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश—ने किशाऊ मल्टी-पर्पस प्रोजेक्ट के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे देश की सबसे महत्वपूर्ण नदी जल बंटवारा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
टोंस नदी पर बनेगा विशाल बांध यह बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर टोंस नदी पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना के तहत बड़े बांध और जल संचयन संरचनाओं का निर्माण होगा, जिससे नदी के पानी का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।
दिल्ली की प्यास बुझाएगी परियोजना इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को होगा। योजना के अनुसार, दिल्ली को हर साल करीब 617 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बढ़ती आबादी के बीच पानी की भारी किल्लत झेल रही राजधानी के लिए यह परियोजना एक बड़ी राहत साबित होगी।
सिंचाई और बिजली का डबल फायदा परियोजना का दायरा केवल पेयजल तक सीमित नहीं है। इससे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की लगभग 97,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जो संबंधित राज्यों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मददगार होगी।
यमुना के पुनर्जीवन की उम्मीद विशेषज्ञों का मानना है कि किशाऊ प्रोजेक्ट यमुना नदी के पुनर्जीवन में भी अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर जल प्रबंधन और नियंत्रित प्रवाह से यमुना में जल स्तर बढ़ेगा, जिससे प्रदूषण की समस्या और नदी के सूखने के संकट को कम करने में सहायता मिलेगी।
विवादों के बीच सहयोग की नई राह भारत में नदी जल बंटवारे को लेकर अक्सर राज्यों के बीच विवाद की स्थिति रही है। ऐसे में छह राज्यों का एक मंच पर आकर सहमति जताना जल संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे राज्यों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।
आगे की राह समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अब परियोजना के तकनीकी, वित्तीय और निर्माण संबंधी पहलुओं पर काम तेजी से शुरू होगा। केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां मिलकर इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारेंगी। उत्तर भारत के भविष्य के लिए इस प्रोजेक्ट को विकास की आधारशिला के रूप में देखा जा रहा है।
*▪️In the presence of Union Ministers @AmitShah and @CRPaatil, Chief Ministers of Uttar Pradesh @myogiadityanath, Uttarakhand @pushkardhami, Himachal Pradesh @SukhuSukhvinder, Rajasthan @BhajanlalBjp, Delhi @gupta_rekha, and Haryana @NayabSainiBJP signed the Kishau Project… pic.twitter.com/3R05jTNjq6
— PIB India (@PIB_India) September 15, 2026
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किशाऊ प्रोजेक्ट: उत्तर भारत के जल संकट का मास्टर प्लान , छह राज्यों में बनी सहमति