गाजा पर बनी फिल्म नाजा से इजरायल में सियासी भूचाल, निर्माताओं की नागरिकता रद्द करने की धमकी
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इजरायल और गाजा के बीच जारी तनाव के बीच एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म नाजा (Naja) ने इजरायल के भीतर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। फिल्म में गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई और उसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित इस्तेमाल को दिखाया गया है। इस फिल्म को वेनिस फिल्म महोत्सव में मिले सम्मान के बाद इजरायली सरकार सख्त रुख अपना रही है।

मंत्री की सीधी धमकी

इजरायल के संस्कृति मंत्री मिकी जोहर ने फिल्म के निर्माताओं—युवल अब्राहम और राहेल जोर—पर देशद्रोह का आरोप लगाया है। जोहर ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फिल्म इजरायल विरोधी ताकतों को बढ़ावा देती है। उन्होंने निर्माताओं की इजरायली नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने तक की धमकी दी है। उन्होंने फिल्म को घृणित करार देते हुए कहा कि निर्माताओं ने विदेशों में इजरायल के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का काम किया है।

क्या है फिल्म नाजा में?

यह 80 मिनट की डॉक्यूमेंट्री तीन साल की कड़ी जांच के बाद तैयार की गई है। फिल्म का नाम हिब्रू भाषा के एक गुप्त शब्द नाजा से प्रेरित है, जिसका इस्तेमाल हवाई हमलों में मारे गए नागरिकों (कोलेटरल डैमेज) की संख्या बताने के लिए किया जाता है। फिल्म में इजरायली खुफिया विभाग के पूर्व कर्मियों के गुप्त इंटरव्यू लिए गए हैं। इन लोगों ने अपनी पहचान छिपाकर सेना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

लैवेंडर एआई सिस्टम का खुलासा

फिल्म का मुख्य आकर्षण लैवेंडर (Lavender) नामक एआई प्रणाली का खुलासा है। निर्माताओं का दावा है कि इजरायली सेना इस एआई का इस्तेमाल फोन कॉल, डिजिटल गतिविधियों और अन्य डेटा की निगरानी करके संभावित लक्ष्यों (टारगेट्स) की पहचान करने के लिए करती रही है। फिल्म में यह दिखाया गया है कि कैसे यह तकनीक गाजा में सैन्य कार्रवाई के दौरान बड़े स्तर पर मानवीय नुकसान का कारण बनी।

वेनिस में मिला स्टैंडिंग ओवेशन

नाजा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली है। वेनिस फिल्म महोत्सव में प्रीमियर के दौरान दर्शकों ने करीब 25 मिनट तक खड़े होकर फिल्म के लिए तालियां बजाईं। ऑस्कर विजेता निर्देशक युवल अब्राहम ने कहा कि इस फिल्म का मकसद दुनिया को उस सैन्य मशीनरी की सच्चाई दिखाना है जो पर्दे के पीछे काम करती है। अब्राहम ने उम्मीद जताई है कि यह डॉक्यूमेंट्री पश्चिमी देशों की सरकारों को इजरायल पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर करेगी।

क्यों मचा है बवाल?

इजरायली सरकार के लिए यह फिल्म इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि इसके सूत्रधार स्वयं इजरायली नागरिक हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे खुलासे न केवल इजरायल की सुरक्षा नीतियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम कर रहे हैं, बल्कि हमास जैसे समूहों को वैचारिक समर्थन भी दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार वास्तव में निर्माताओं की नागरिकता रद्द करने जैसा कठोर कदम उठाती है, या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।

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