एशिया कप में ट्रॉफी विवाद : भारतीय महिला टीम ने मोहसिन नकवी को किया नज़रअंदाज़, शर्मिंदगी के बाद मैदान से निकले पाक गृह मंत्री
News Image

दुबई: महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से रौंदकर भारत ने अपना आठवां खिताब जीता। लेकिन खेल के मैदान से ज्यादा चर्चा अब उस डिप्लोमैटिक ड्रामा की हो रही है, जो ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान देखने को मिला। भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।

स्मृति मंधाना की हंसी और नकवी की रवानगी ट्रॉफी समारोह के दौरान स्टैंड्स पर काफी देर तक सन्नाटा पसरा रहा। जब उपकप्तान स्मृति मंधाना ड्रेसिंग रूम से बाहर आईं और उन्होंने पोडियम पर मोहसिन नकवी को देखा, तो वे तुरंत मुस्कुराते हुए वापस लौट गईं। भारतीय खिलाड़ियों के इस कड़े रुख को देखते हुए नकवी असहज नजर आए और समारोह के बीच में ही स्टेडियम से बाहर निकल गए।

पुरुष टीम वाला स्टैंड रहा बरकरार मोहसिन नकवी केवल ACC प्रमुख ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। पिछले साल 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल में भी सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। रविवार को महिला टीम ने भी उसी स्टैंड को दोहराया, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

ट्रॉफी के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार मैच रात 11:25 बजे समाप्त हो चुका था, लेकिन प्रेजेंटेशन सेरेमनी आधा घंटे से अधिक समय तक रुकी रही। भारतीय टीम ने ड्रेसिंग रूम से बाहर आने से इनकार कर दिया था। स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब परवेज महरूफ बिना विजेता को ट्रॉफी सौंपे ही कार्यक्रम समाप्त करके चले गए। यह विवाद पिछले साल 2025 की उस घटना की याद दिलाता है, जब भारतीय टीम ने नकली ट्रॉफी उठाकर जश्न मनाया था और असली ट्रॉफी अधिकारियों के पास ही रह गई थी।

मैदान पर दिखा प्रोफेशनल जलवा विवाद जो भी हो, भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन बेमिसाल रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए शेफाली वर्मा (68) और स्मृति मंधाना (59) की धमाकेदार पारियों की बदौलत भारत ने 183/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंकाई टीम 111 रनों पर ढेर हो गई। श्रेयंका पाटिल के 4 और दीप्ति शर्मा के 3 विकेटों ने भारत की जीत पक्की की।

ACC और BCCI के बीच तनातनी यह घटना केवल एक प्रेजेंटेशन सेरेमनी तक सीमित नहीं है। पिछले साल बीसीसीआई ने एसीसी अध्यक्ष की भूमिका और ट्रॉफी सौंपने की प्रक्रिया पर कड़ा एतराज जताया था। बोर्ड का मानना है कि भारतीय टीम का यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया स्टैंड है। एक साल के भीतर दूसरी बार ऐसी स्थिति का बनना भारत और एसीसी के बीच बढ़ते वैचारिक मतभेदों को दर्शाता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

प्लेटफॉर्म पर मां की लाश, मदद के लिए बिलखते रहे बच्चे: मथुरा जंक्शन से आई झकझोरने वाली तस्वीर

Story 1

# महिला एशिया कप 2026: भारत का दबदबा, श्रीलंका को 72 रनों से रौंदकर आठवीं बार बनी चैंपियन

Story 1

ब्रिक्स समिट में भारत-चीन की साझा हुंकार, आतंकवाद पर घिरे पाकिस्तान के मंसूबों को करारा झटका

Story 1

27 करोड़ की डील पर संजीव गोयनका का बड़ा खुलासा, ऋषभ पंत संग झगड़े की खबरों पर तोड़ी चुप्पी

Story 1

IND vs AFG: पहले T20I के समय में बड़ा बदलाव, अब इस वक्त शुरू होगा महामुकाबला

Story 1

गंगाजल से शुद्ध हुआ ऑफिस, पर वाइस-प्रिंसिपल ने इस्तीफा मानने से किया इनकार

Story 1

ऑरवेलियन डिस्टोपिया का खतरा: NSA मामले में 5 लाख के हर्जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नोएडा DM

Story 1

दिल्ली में जुटे ब्रिक्स के दिग्गज, फिर ईरान के राष्ट्रपति की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?

Story 1

वापसी करते ही बुमराह का बुम-बुम धमाका, T20 क्रिकेट में रचा इतिहास!

Story 1

इंडोनेशिया: जावा सागर में पलटा यात्रियों से भरा जहाज, 129 लोग अब भी लापता