ऐतिहासिक पल: दिल्ली में वंदे मातरम् से गूंजा स्टेडियम, क्रिकेट के मैदान पर रचा गया नया इतिहास
News Image

नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले की शुरुआत ने भारतीय क्रिकेट के पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। टॉस के बाद जब खिलाड़ी मैदान पर राष्ट्रगान के लिए खड़े थे, तभी स्टेडियम में वंदे मातरम् की गूंज सुनाई दी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के किसी घरेलू मैच में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रीय गीत को शामिल करने का यह पहला मौका था।

बदला प्री-मैच सेरेमनी का अंदाज

आमतौर पर टॉस के बाद सीधे राष्ट्रगान बजाए जाते हैं, लेकिन दिल्ली में प्री-मैच सेरेमनी का पैटर्न अलग रहा। इस बार वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे बजाए गए, जिसके बाद भारत और अफगानिस्तान के राष्ट्रगान हुए। इस बदलाव के कारण मैच शुरू होने से पहले की औपचारिकताएं सामान्य दिनों के मुकाबले थोड़ी लंबी रहीं, लेकिन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने इसे गर्व के साथ स्वीकार किया।

सरकारी दिशानिर्देशों का पालन

यह बदलाव गृह मंत्रालय द्वारा जारी हालिया दिशानिर्देशों के अनुरूप है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि आधिकारिक मौकों पर यदि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन गण मन का गायन होना चाहिए। जून में हुई द्विपक्षीय सीरीज के दौरान ऐसा नहीं देखा गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब खेल के मैदानों पर भी इन नए नियमों का सख्ती से क्रियान्वयन शुरू हो गया है।

150 साल पुराना गौरव

वंदे मातरम् का इतिहास भारत की आजादी की लड़ाई से गहराई से जुड़ा है। महान लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत पहली बार नवंबर 1875 में बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। नवंबर 2025 में इस ऐतिहासिक गीत ने अपने 150 वर्ष पूरे किए हैं। आजादी के आंदोलन में प्रेरणा का स्रोत रहा यह गीत आज भी देश की सामूहिक चेतना और राष्ट्रप्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक बना हुआ है।

बड़े आयोजनों में बदलाव की शुरुआत

यह पहली बार नहीं है जब वंदे मातरम् को प्रमुखता दी गई है। 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर भी पहली बार इसे कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया था। क्रिकेट के मैदान पर इस बदलाव को देश के बढ़ते राष्ट्रवाद और सरकारी प्रोटोकॉल के पालन के रूप में देखा जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए यह एक यादगार लम्हा बन गया है, जो आने वाले समय में अन्य मैचों में भी एक नई परिपाटी के रूप में स्थापित हो सकता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

IND vs AFG: प्लेइंग 11 से बाहर क्यों हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी? कप्तान ने खोला राज

Story 1

आंखों में दर्द और चेहरे पर बनावटी हंसी: स्मृति मंधाना ने सबसे बुरी रात के सवाल पर तोड़ी चुप्पी

Story 1

प्लेटफॉर्म पर मां की लाश, मदद के लिए बिलखते रहे बच्चे: मथुरा जंक्शन से आई झकझोरने वाली तस्वीर

Story 1

एशिया कप में ट्रॉफी विवाद : भारतीय महिला टीम ने मोहसिन नकवी को किया नज़रअंदाज़, शर्मिंदगी के बाद मैदान से निकले पाक गृह मंत्री

Story 1

ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न: पुतिन की भारत यात्रा और वैश्विक मंच पर प्रतिबंधों के खिलाफ हुंकार

Story 1

ओमान तट पर मर्चेंट शिप पर हमला: 13 भारतीय सुरक्षित, एक की तलाश जारी

Story 1

एशिया कप विजय के बाद विवाद: क्या मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भारतीय महिला टीम ने किया इनकार?

Story 1

सोच-समझकर किया गया आत्मसमर्पण : ब्रिक्स समिट में मोदी-शी की मुलाकात पर कांग्रेस का तीखा हमला

Story 1

हॉकी के मैदान पर भारत का डबल धमाका: मेंस और वुमेंस टीम बनीं एशिया चैंपियन, वर्ल्ड कप का कटाया टिकट

Story 1

हिजाब पर पवन खेड़ा का वार पड़ा भारी: शहजाद पूनावाला बोले- कांग्रेस ने खुद ही किया अपने वोट बैंक का अपमान