सब ठीक है ना? ... जब PM मोदी ने भाषण रोक जिनपिंग का लिया हाल, वायरल हुआ यह पल
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दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में केवल कूटनीतिक समझौतों की ही चर्चा नहीं रही, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दिखी केमिस्ट्री भी चर्चा का केंद्र बनी। 2020 के गलवान टकराव के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग के साथ पीएम मोदी का सहज तालमेल इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही है।

भाषण के बीच में घटी वह घटना सम्मेलन के पहले दिन पीएम मोदी जब अपना शुरुआती संबोधन दे रहे थे, तभी मंच पर कुछ हलचल हुई। करीब पांच मिनट के भाषण के बाद पीएम मोदी की नजर अपने बगल में बैठे शी जिनपिंग पर पड़ी, जो कुछ असहज नजर आ रहे थे।

पीएम मोदी ने बिना देरी किए अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। वे फौरन जिनपिंग की तरफ मुड़े और ट्रांसलेटर से पूछा, Is it okay? (सब ठीक है?)। कुछ पल बाद दोबारा तसल्ली करने पर जिनपिंग ने मुस्कुराकर सिर हिलाया, जिसके बाद ही पीएम ने अपना संबोधन जारी रखा। दरअसल, तकनीकी खराबी के चलते ट्रांसलेशन हेडफोन में समस्या आ गई थी। यह छोटा सा वाकया सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

तमिलनाडु की यादें और गर्मजोशी भारत मंडपम में स्वागत के दौरान भी पुराने संबंधों की झलक दिखी। पीएम मोदी ने जिनपिंग को रामेश्वरम के रामनाथस्वामी मंदिर के गलियारे की तस्वीरों के जरिए भारतीय संस्कृति से रूबरू कराया। 2019 में दोनों नेताओं की अनौपचारिक बैठक भी तमिलनाडु के मामल्लापुरम में हुई थी, जिसकी यादें इस गर्मजोशी में साफ झलक रही थीं।

40 मिनट की महत्वपूर्ण बैठक ब्रिक्स समिट के दौरान दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई। इसमें दोनों ने रिश्तों को दीर्घकालिक नजरिए से देखने पर सहमति जताई। शी जिनपिंग ने आपसी संबंधों को सहेजने पर जोर दिया, वहीं पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जब तक सीमा पर पूरी तरह शांति और स्थिरता नहीं होगी, तब तक संबंध सामान्य नहीं हो सकते। यह पिछले दो वर्षों में दोनों नेताओं की तीसरी मुलाकात थी।

डिनर में क्यों नहीं दिखे जिनपिंग? सूत्रों के अनुसार, दिन भर की व्यस्त बैठकों और लंबी यात्रा के कारण शी जिनपिंग काफी थक गए थे। इस कारण वे गाला डिनर में शामिल होने के बजाय आराम करने के लिए सीधे अपने होटल चले गए।

आतंकवाद पर चीन का स्टैंड इस समिट का एक बड़ा संदेश यह रहा कि चीन ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने वाले साझा बयान का समर्थन किया है। हालांकि, सीमा विवाद पर दोनों देशों के रुख में अभी भी भिन्नताएं हैं। जहां भारत सीमा पर शांति को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं चीन विवादों को दरकिनार कर अन्य क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने का पक्षधर है। इन मतभेदों के बावजूद, दिल्ली में मोदी और जिनपिंग के बीच दिखी सादगी और सौहार्द संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव की बानगी है।

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