लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों का आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे 58 हजार पंचायत सहायकों का खुलकर समर्थन किया है।
सरकार से की सहानुभूति की अपील मायावती ने रविवार को मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए राज्य सरकार से पंचायत सहायकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, सरकार को उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या है पंचायत सहायकों का दर्द? बीते 7 सितंबर से इको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर सभी ऑनलाइन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मात्र 6 हजार रुपये का मामूली मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल है।
पांच सूत्रीय मांगें बनीं विवाद की वजह आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर भी बोलीं मायावती पंचायत सहायकों के मुद्दे के साथ ही मायावती ने दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन और दिल्ली घोषणा पत्र की सराहना की। उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। मायावती ने कहा कि वैश्विक तनाव के बीच ब्रिक्स का एक साथ आना और भविष्य की चुनौतियों पर आम सहमति बनाना भारत के लिए सकारात्मक है। उन्होंने फलस्तीन और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत के कड़े रुख का भी स्वागत किया।
*#WATCH | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायक अपना मानदेय बढ़ाकर उसे सम्मानजनक करने तथा संविदा व्यवस्था के बजाय स्थायीकरण आदि अपनी मांगों के समर्थन में, वे पिछले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ में इको गार्डन के पास आंदोलनरत हैं।… pic.twitter.com/1sDLfBoR9Q
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 13, 2026
IND vs AFG: आज इन 3 अफगानी खिलाड़ियों से सावधान रहे टीम इंडिया, बिगाड़ सकते हैं जीत का समीकरण
दुनिया की पहली भागवत कथा कहां और किसने सुनाई थी? CM योगी ने साझा किया हजारों साल पुराना रहस्य
2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC, अमित शाह का बड़ा ऐलान
27 करोड़ की डील पर संजीव गोयनका का बड़ा खुलासा, ऋषभ पंत संग झगड़े की खबरों पर तोड़ी चुप्पी
खैरागढ़ की बदहाल सड़कें: 200 से अधिक गड्ढे और नगर पालिका की चुप्पी, जनता बेहाल
प्लेटफॉर्म पर मां की लाश, मदद के लिए बिलखते रहे बच्चे: मथुरा जंक्शन से आई झकझोरने वाली तस्वीर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: भारत की मेजबानी के मुरीद हुए रामफोसा, बोले- नेतृत्व करना आसान नहीं था
माहिरा खान बनीं मॉम-टू-बी : टॉरंटो फिल्म फेस्टिवल में बेबी बंप फ्लॉन्ट कर फैंस को दिया सरप्राइज
पीली चुनरी में छोटी पार्वती का अंदाज देख फिदा हुए लोग, क्यूटनेस से जीता सबका दिल
दिल्ली में जुटे ब्रिक्स के दिग्गज, फिर ईरान के राष्ट्रपति की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?