गोंडा में गरमाई सियासत गोंडा के कारोबारी विनोद सहनी की हत्या ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। इस मामले में न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि निषाद वोट बैंक को लेकर भी नई बहस छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी की नेत्री काजल निषाद ने इस मुद्दे को सीधे तौर पर भेदभाव से जोड़ दिया है।
पुलिस से भिड़ंत और गंभीर आरोप विनोद सहनी के परिजनों से मिलने पहुंचीं काजल निषाद ने पुलिस अधिकारियों के सामने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आरोपी वर्ग विशेष (यादव या मुस्लिम) से होता, तो अब तक उसका एनकाउंटर हो चुका होता और घर पर बुलडोजर चल चुका होता। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि कानून के मुताबिक हर मामले में समान कार्रवाई की जा रही है।
कौन हैं काजल निषाद? काजल निषाद का राजनीतिक सफर मुख्य रूप से गोरखपुर और पूर्वांचल की राजनीति के इर्द-गिर्द रहा है। सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं काजल ने निषाद समाज के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह अब इस समाज के हक के लिए सरकार पर हमलावर हैं।
बीजेपी के लिए निषाद चुनौती इस मामले में केवल विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद भी पुलिस की कार्यशैली से नाराज दिखे और धरने पर बैठ गए। यह स्थिति बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि निषाद समाज पूर्वांचल की कई सीटों (गोरखपुर, बस्ती, मिर्जापुर, भदोही आदि) पर चुनावी समीकरण पलटने की ताकत रखता है।
2027 का सियासी गणित साल 2022 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी के 6 विधायक जीते थे, जो बीजेपी के साथ थे। अब 2027 के चुनाव से पहले अगर आरक्षण, सुरक्षा और गोंडा जैसी घटनाएं निषाद समाज को बीजेपी से दूर करती हैं, तो विपक्ष इसका भरपूर फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
क्या गठबंधन पर असर पड़ेगा? भले ही एक घटना से पूरा वोट बैंक न टूटे, लेकिन लगातार बढ़ती नाराजगी सत्ताधारी गठबंधन के लिए शुभ संकेत नहीं है। अगर विपक्ष इस मुद्दे को पूरे राज्य में निषाद बनाम सरकार के नैरेटिव में बदलने में सफल रहा, तो पूर्वांचल में बीजेपी को अपने समीकरणों को फिर से दुरुस्त करना होगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस नाराजगी को कैसे शांत करती है।
*गोंडा: कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सपा नेत्री काजल निषाद ने उठाए सवाल @NavbharatTimes pic.twitter.com/fmSalOxhoM
— NBT Uttar Pradesh (@UPNBT) September 11, 2026
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