नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक बेहद दिलचस्प वाकया सामने आया। जब 21 देशों के नेता फैमिली फोटो के लिए मंच पर पहुंचे, तो वहां स्थिति थोड़ी उलझ गई।
पीएम मोदी बने मैनेजर मंच पर नेताओं की पोजीशन को लेकर कुछ देर के लिए कन्फ्यूजन दिखाई दिया। मेजबान की जिम्मेदारी संभालते हुए पीएम मोदी ने बिना देरी किए कमान अपने हाथों में ली।
पीएम ने खुद आगे बढ़कर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं का हाथ पकड़कर उन्हें सही जगह पर खड़ा किया। मुस्कुराते हुए नेताओं को री-पोजिशन करने का यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
सा सियासी संदेश, क्या है RIC का गणित? इस फेरबदल के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसमें पीएम मोदी ठीक बीच में खड़े नजर आए। उनके एक तरफ व्लादिमीर पुतिन और दूसरी ओर शी जिनपिंग थे।
कूटनीतिक विशेषज्ञ इसे महज एक इत्तेफाक नहीं मान रहे। जानकारों का कहना है कि यह फ्रेम रूस, भारत और चीन (RIC) के बीच के सियासी संतुलन का एक बड़ा संकेत है।
पुतिन और रामफोसा की दोस्ती फोटो सेशन के दौरान एक और पल ने सबका ध्यान खींचा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की नजरें मिलीं और दोनों ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे को गले लगा लिया।
कूटनीति की सख्त औपचारिकताओं के बीच यह सहज पल दर्शाता है कि ब्रिक्स नेताओं के बीच आपसी तालमेल काफी गहरा है। इंटरनेट पर इस वीडियो को प्रोटोकॉल से परे सच्ची दोस्ती बताया जा रहा है।
पर्यावरण के लिए एकजुट ब्रिक्स फोटो सेशन के बाद सभी नेता भारत मंडपम के लॉन में पहुंचे। यहाँ 21 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मिलकर बरगद के पौधे रोपे।
भारतीय संस्कृति में बरगद को मजबूती और गहरी जड़ों का प्रतीक माना जाता है। नेताओं का यह कदम संकेत देता है कि ब्रिक्स का एजेंडा अब केवल आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के मामले में भी ये देश एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
A moment of unity and shared purpose as BRICS Leaders come together for the family photo at the 18th BRICS Summit in New Delhi.#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/Am162NLP3j
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 12, 2026
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