ब्रिक्स समिट 2026: नई दिल्ली घोषणा पत्र पर बनी आम सहमति, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
News Image

नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। तमाम वैश्विक तनावों और सदस्य देशों के बीच गहरे मतभेदों के बावजूद, भारत सभी देशों को एक साझा नई दिल्ली घोषणा पत्र (Joint Declaration) पर सहमत कराने में सफल रहा है।

4 बजे तक चली मैराथन वार्ता और भारत की भूमिका

घोषणा पत्र को अंतिम रूप देना आसान नहीं था। शुक्रवार रात शुरू हुई यह डिप्लोमैटिक बातचीत शनिवार सुबह 4 बजे तक चली। वार्ता के दौरान कई संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के रुख अलग-अलग थे। भारत ने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सेतु की भूमिका निभाई और सभी पक्षों को एक साझा मंच पर लाने के लिए लगातार प्रयास किए।

पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बड़ी उपलब्धि

इस सहमति की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि वर्तमान में पश्चिम एशिया में गंभीर तनाव की स्थिति है। ब्रिक्स के सदस्य देश - ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच क्षेत्रीय और रणनीतिक मुद्दों पर वैचारिक मतभेद रहे हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान यह सुनिश्चित किया कि ये मतभेद ब्रिक्स की व्यापक चर्चा प्रक्रिया पर हावी न हों।

मई की नाकामी को पीछे छोड़ा

इससे पहले मई में हुई ब्रिक्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में जॉइंट डिक्लेरेशन पर सहमति नहीं बन पाई थी। उस वक्त ईरान और UAE के मतभेदों के कारण ब्रिक्स के इतिहास में पहली बार कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका था, जिसके बाद भारत ने केवल चेयर स्टेटमेंट से काम चलाया था। इस बार के शिखर सम्मेलन में उस गतिरोध को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

पीएम मोदी का विजन: संवाद ही समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन रहा है कि जटिल ग्लोबल समस्याओं का समाधान केवल बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान ग्लोबल साउथ के हितों को प्राथमिकता दी और समूह को किसी एक पक्ष के खिलाफ मंच बनाने के बजाय आपसी सहयोग और विकास के एजेंडे पर केंद्रित रखा।

कूटनीतिक प्रभाव

नई दिल्ली घोषणा पत्र पर आम सहमति बनना भारत की बढ़ती वैश्विक धमक को दर्शाता है। आर्थिक विकास, स्थिरता और बहुपक्षीय प्रणाली (Multilateral System) को मजबूत करने की दिशा में यह कदम भारत की एक संतुलित कूटनीतिक नीति की जीत है। इससे वैश्विक मंच पर भारत की सर्वसम्मति बनाने वाले देश (Consensus Builder) की छवि और अधिक सशक्त हुई है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वायरल: iPhone 17 Pro बना 18 Pro! भारतीयों के देसी जुगाड़ ने एप्पल की बढ़ाई टेंशन

Story 1

BRICS में पीएम मोदी की दो टूक: यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार अब और नहीं टाला जा सकता

Story 1

मुंबई: तड़के पार्किंग में पुलिस का छापा, 20 लाख का प्रतिबंधित गुटखा जब्त; 9 हिरासत में

Story 1

हरीश रावत का कांग्रेस के पदों से इस्तीफा: ED की छापेमारी और सियासी हलचल के पीछे की पूरी कहानी

Story 1

कश्मीर में NIA का बड़ा प्रहार: 7 ठिकानों पर छापेमारी, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क का होगा पर्दाफाश

Story 1

ब्रिक्स समिट 2026: नई दिल्ली घोषणा पत्र पर बनी आम सहमति, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

Story 1

नागपुर मारबत उत्सव: राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा , फडणवीस की दो टूक

Story 1

हल्द्वानी के मैदान से चुनावी हुंकार: फुटबॉल खेलते हुए CM धामी ने किया 2027 में हैट्रिक का ऐलान

Story 1

WCL सीजन 3 का ऐलान: दुबई में भिड़ेंगे युवराज और अफरीदी, जारी हुआ पूरा शेड्यूल

Story 1

गरीबी को पर्दों से क्यों ढंका गया? BRICS समिट के बीच दिल्ली की सजी-धजी सड़कों के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई