BRICS में पीएम मोदी की दो टूक: यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार अब और नहीं टाला जा सकता
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नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित हो रही ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर जोरदार तरीके से बदलाव की वकालत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार का समय आ गया है और अब इसे और अधिक समय तक टाला नहीं जा सकता।

तीन स्तंभों पर जोर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भविष्य के रोडमैप के लिए तीन मुख्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिनिधित्व (Representation), जवाबदेही (Responsiveness) और नियम बनाना (Rule-making) को वैश्विक व्यवस्था के लिए अनिवार्य बताया।

यूएन सुधार पर सख्त रुख पीएम मोदी ने यूएन सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे एक निश्चित समय-सीमा और ठोस नतीजों के साथ जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने ग्लोबल इकोनॉमिक गवर्नेंस में उन देशों की अधिक भूमिका की मांग की, जो वैश्विक आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं।

नाविकों के लिए सुरक्षा नेटवर्क का प्रस्ताव संस्थानों की जवाबदेही पर बात करते हुए पीएम ने समुद्री नाविकों के कल्याण के लिए एक सीफेर्रस इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य मुश्किल समय में नाविकों को मेडिकल सहायता, परिवारों को सूचना और बचाव अभियान में देशों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है।

रूल टेकर से रूल शेपर बनने का लक्ष्य नियम बनाने की प्रक्रिया में पीएम ने ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई, साइबर स्पेस और बायो-टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में हमें केवल नियमों का पालन करने वाला (रूल टेकर) नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाला (रूल शेपर) बनना होगा।

विशेषाधिकार नहीं, साझेदारी का मंच प्रधानमंत्री ने निराशा जताते हुए कहा कि आज ग्लोबल साउथ संकटों का सामना करने में तो सबसे आगे है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में सबसे पीछे। उन्होंने कहा कि हमें विशेषाधिकार के पिरामिड को खत्म करके साझेदारी के मंच का निर्माण करना होगा।

अगली समिट के लिए रोडमैप तैयार इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों से ग्लोबल शासन में सुधार के लिए 10 प्रस्ताव तैयार करने का आह्वान किया है। इन प्रस्तावों को अगली समिट तक एक औपचारिक ब्रिक्स सुधार रोडमैप का रूप दिया जाएगा।

चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात पर नजर सम्मेलन के बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज है। शनिवार दोपहर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली पहुंचे हैं। शाम 5:45 बजे पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। समिट परिसर में बिहार के सत्तू, मखाने और ओडिशा की कॉफी के स्टॉल्स भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जो इंडिया स्टोरी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रहे हैं।

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