ब्रिक्स (BRICS) अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर चुका है। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन के अगले दो दशकों के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि अब ब्रिक्स के लिए परिपक्वता का समय है और इसे वैश्विक व्यवस्था में एक निर्णायक बदलाव लाने वाली शक्ति बनना होगा।
प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक शासन प्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे पावर का पिरामिड करार देते हुए कहा कि आज दुनिया के फैसले चंद हाथों में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देश) वैश्विक संकटों का खामियाजा तो भुगत रहा है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका न के बराबर है।
पीएम मोदी ने इस विशेषाधिकार प्राप्त पिरामिड को साझेदारी के प्लेटफॉर्म में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिक्स देशों को मिलकर वैश्विक सुधारों के लिए 10 प्रस्ताव तैयार करने चाहिए, ताकि अगले शिखर सम्मेलन तक एक ठोस रिफॉर्म रोडमैप तैयार हो सके।
पीएम मोदी ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव की वकालत की: प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को अब और अधिक टाला नहीं जा सकता।
वित्तीय संस्थाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था आज की हकीकत से मेल नहीं खाती। जो देश वैश्विक विकास में इंजन की तरह काम कर रहे हैं, उन्हें आईएमएफ और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में वोटिंग और नेतृत्व के अधिकार मिलने चाहिए।
पीएम मोदी ने ब्रिक्स की कार्यप्रणाली को निरंतरता देने के लिए BRICS कंटिन्यूटी एंड इंप्लीमेंटेशन मैकेनिज्म बनाने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर साल अध्यक्षता बदलने के बावजूद लिए गए फैसलों की रफ्तार कम न हो। इसके लिए उन्होंने ट्रोइका व्यवस्था और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री ने मानवीय पहलुओं पर भी जोर दिया। उन्होंने समुद्री यात्रियों (Seafarers) के लिए इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके जरिए संकट में फंसे जहाजों के क्रू सदस्यों को मेडिकल सहायता, परिवार से संपर्क और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी (evacuation) की त्वरित सुविधा मिल सकेगी।
पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट है: ब्रिक्स का अगला 20 साल केवल विस्तार या चर्चाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संगठन को अपने फैसलों को जमीन पर उतारना होगा और दुनिया को एक ऐसी व्यवस्था की ओर ले जाना होगा जहां हर देश की आवाज सुनी जाए।
#WATCH | Delhi: During the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, While strengthening BRICS, we must also chart a course for global reform. The current structure of global governance resembles a pyramid: power and decision-making are concentrated at the top, while… pic.twitter.com/6Ksdy8LEF7
— ANI (@ANI) September 12, 2026
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