एशियन गेम्स से पहले बवाल: वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने वीडियो जारी कर दी आत्मदाह की धमकी
News Image

भारतीय खेलों में विवाद हमेशा से एक साया बनकर रहे हैं, लेकिन एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले एक वुशु खिलाड़ी के सनसनीखेज वीडियो ने खेल जगत में हड़कंप मचा दिया है। 19 सितंबर से जापान के ऐसी-नागोया में शुरू हो रहे गेम्स में टीम का हिस्सा रहीं दिव्यांशी चौधरी को अचानक बाहर कर दिया गया है।

आखिरी वक्त पर टीम से बाहर दिव्यांशी चौधरी ने एशियन गेम्स के सेलेक्शन ट्रायल्स में जीत हासिल कर अपनी जगह पक्की की थी। लेकिन, 11 सितंबर को उन्हें बताया गया कि वह टीम का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह रोशीबिना देवी नाओरेम को शामिल किया गया है, जिन्हें दिव्यांशी ने खुद ट्रायल्स के दौरान हराया था।

NIS पटियाला की छत से वीडियो वायरल फैसले से आहत दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर 9 मिनट लंबा एक वीडियो साझा किया। वीडियो में वह एनआईएस (NIS) पटियाला की छत पर खड़ी होकर रोते हुए अपनी जान देने की बात कर रही हैं। उन्होंने इसे गहरी साजिश और मानसिक प्रताड़ना करार दिया है।

दिव्यांशी के गंभीर आरोप वीडियो में दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि रोशीबिना देवी ने अपनी पहुंच का उपयोग कर खेल मंत्रालय में सिफारिश करवाई है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी मेडिकल रिपोर्ट को गोपनीय न रखकर रोशीबिना के साथ साझा किया गया।

क्या बोलीं दिव्यांशी? दिव्यांशी ने कहा, मैंने उन्हें हराया है, वहां जाने का हक मेरा है। मुझे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अब मेरे पास जीने के लिए कोई वजह नहीं बची है। उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए कहा कि वे इस कदम के लिए मजबूर हैं।

प्रशासन का पक्ष: चोट छिपाने का आरोप वहीं, भारतीय वुशु एसोसिएशन और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एसोसिएशन का कहना है कि दिव्यांशी के घुटने में गंभीर चोट थी जिसे उन्होंने छिपाया था। SAI द्वारा कराए गए मेडिकल टेस्ट में चोट की पुष्टि होने के बाद ही यह निर्णय लिया गया।

रोशीबिना को क्यों मिली जगह? अधिकारियों के अनुसार, चोटिल होने के कारण दिव्यांशी ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं ले पा रही थीं। चूंकि दिव्यांशी द्वारा फाइनल में हराई गई दूसरी खिलाड़ी भी चोटिल थी, इसलिए नियमानुसार सेमीफाइनल में हारने वाली रोशीबिना देवी को टीम में शामिल करना पड़ा। बहरहाल, मामला अब प्रशासनिक स्तर से निकलकर एक मानवीय संकट में बदल चुका है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ब्रह्मोस की गूंज: वियतनाम के साथ 700 मिलियन डॉलर की बड़ी डील की तैयारी, भारत बनेगा डिफेंस हब

Story 1

जिनपिंग की दिल्ली यात्रा से पहले बड़ी कूटनीतिक जीत, 6 साल बाद फिर आसमान में दिखेंगे भारत-चीन के विमान

Story 1

थाली में उतरी नन्ही चिरैया : आंटी और पक्षी के भरोसे का वीडियो देख लोग हुए भावुक

Story 1

यूरोप में छिपे गैंगस्टर का गेम ओवर : मोल्दोवा से दबोचा गया जग्गू भगवानपुरिया गैंग का शातिर अमृतपाल

Story 1

ब्रिक्स मंच पर दिखी एकजुटता: पीएम मोदी ने पुतिन और जिनपिंग का हाथ थाम दुनिया को दिया कड़ा संदेश

Story 1

मैं फिर आऊंगा... : अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का भारत दौरा, मणिपुर से दार्जिलिंग तक की खास झलक

Story 1

लालबागचा राजा 2026: शिवमय हुआ मुंबई का सबसे प्रसिद्ध दरबार, देखें बप्पा का दिव्य रूप

Story 1

वायरल वीडियो से बदली तकदीर: दिव्यांग रागिनी को अखिलेश यादव ने दी ढाई लाख की मदद

Story 1

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: दिल्ली पहुंचे शी जिनपिंग, आज शाम मोदी के साथ होगी हाई-प्रोफाइल मुलाकात

Story 1

IND vs AFG: श्रेयस की कप्तानी में नई चुनौती, जानिए कब, कहां और कैसे देखें पहला टी20