भारत और वियतनाम के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल को लेकर एक बड़ा रक्षा समझौता होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस डील की कीमत 600 से 700 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ली मिन हंग के बीच होने वाली उच्च-स्तरीय बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ेगा भारत का रसूख यदि यह समझौता औपचारिक रूप से घोषित होता है, तो वियतनाम भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दक्षिण-पूर्व एशिया का तीसरा देश बन जाएगा। इससे पहले फिलीपींस और इंडोनेशिया भारत की इस घातक मिसाइल प्रणाली पर भरोसा जता चुके हैं। रक्षा जानकारों का मानना है कि यह डील आने वाले समय में भारत और वियतनाम के रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
तटीय सुरक्षा और एरिया-डेनियल की ताकत भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के संकेतों के अनुसार, इस डील पर बुनियादी सहमति पहले ही बन चुकी थी। वियतनाम इस मिसाइल का उपयोग दक्षिण चीन सागर में अपनी तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए करेगा। ब्रह्मोस न केवल समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम है, बल्कि यह एंटी-एक्सेस और एरिया-डेनियल क्षमता के जरिए दुश्मन के जंगी जहाजों को तटों के करीब आने से रोकने में भी कारगर है।
ब्रह्मोस: दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है। यह 3704 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ने में सक्षम है। 290 किलोमीटर की रेंज वाली यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा—तीनों जगहों से लॉन्च की जा सकती है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरने के कारण दुश्मन के रडार इसे ट्रैक नहीं कर पाते, जो इसे युद्ध के मैदान में बेहद खतरनाक बनाता है।
चुनौतियां और भविष्य की राह भले ही यह डील क्षेत्रीय संतुलन के लिए गेम-चेंजर हो, लेकिन भारत के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। मिसाइल की समय पर डिलीवरी, तकनीकी रखरखाव और वियतनामी सैनिकों को इसके संचालन के लिए ट्रेनिंग देना एक लंबी प्रक्रिया है। इसके अलावा, चीन का कूटनीतिक दबाव भी इस समझौते की राह में एक बड़ा रोड़ा हो सकता है।
कौन-कौन से देश कतार में? फिलहाल फिलीपींस (2022) और इंडोनेशिया (2026) भारत के साथ ब्रह्मोस की डील पक्की कर चुके हैं। फिलीपींस को मिसाइल की पहली खेप मिल भी चुकी है। अब वियतनाम के बाद थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। स्पष्ट है कि ब्रह्मोस अब भारत की मेक इन इंडिया नीति का सबसे बड़ा ग्लोबल ब्रांड बनकर उभरा है।
🇮🇳🇷🇺 BRAHMOS IS GETTING ANOTHER UPGRADE
— Military Observer (@TheMilObserverr) September 9, 2026
Russia says India and Russia should now work on adding new capabilities to the BrahMos missile.
Kremlin spokesperson Dmitry Peskov said it is time to improve the missile, make it more effective and more competitive globally.
No specific… pic.twitter.com/WB9cM6Cbkr
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