जिनपिंग का अभेद्य किला: 67 सदस्यों की टीम, फूड टेस्टिंग और नो-फ्लाई जोन; दिल्ली में कैसी है सुरक्षा?
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18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ उनकी सुरक्षा का एक ऐसा घेरा है, जिसे दुनिया के सबसे कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल में गिना जाता है। आइए जानते हैं कि जिनपिंग अपने साथ क्या-क्या लेकर आए हैं और उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।

10 दिन पहले पहुंचीं बुलेटप्रूफ गाड़ियां चीन ने अपनी सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। राष्ट्रपति के काफिले में शामिल उनकी विशेष बुलेटप्रूफ स्टेट लिमोजिन कार और एक बैकअप कार उनके दौरे से 10 दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गई थीं। इसके अलावा, उनके साथ 67 लोगों का एक बड़ा दल आया है, जिसमें वरिष्ठ राजनेता, राजनयिक, सुरक्षा अधिकारी और निजी चिकित्सक शामिल हैं।

हर निवाले की होगी टेस्टिंग जिनपिंग की सुरक्षा सिर्फ बाहरी घेरे तक सीमित नहीं है। उनके सुरक्षाकर्मी उस होटल के चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं जहां वे ठहरेंगे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, उनके कमरे में जाने से पहले पूरी जांच की जाएगी। उनके भोजन को परोसने से पहले चीनी टीम के सदस्य किचन में जाकर उसे टेस्ट करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खाने में किसी भी प्रकार की मिलावट या गड़बड़ी न हो।

होटल बना नो-फ्लाई जोन चीनी राष्ट्रपति जिस होटल में रुकेंगे, उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। यहां केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों से निपटने के लिए विशेष स्क्वायड तैनात किए गए हैं। अंडरग्राउंड पाइपलाइन नेटवर्क से लेकर होटल के हर कोने तक की गहन जांच की गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

अपना कम्युनिकेशन सिस्टम लाए जिनपिंग चीन ने अपने राष्ट्रपति के लिए अपना विशेष टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम भी साथ मंगवाया है, ताकि वे बीजिंग से सुरक्षित संपर्क बनाए रख सकें। हालांकि, भारत सरकार ने उन्हें सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट लाने की अनुमति नहीं दी है। साथ ही, डेलिगेशन को अपनी प्राइवेट लाइसेंसी पिस्तौल ले जाने की छूट तो है, लेकिन सबमरीन गन या एंटी-ड्रोन उपकरण लाने पर रोक लगाई गई है।

तिब्बती विरोध का डर जिनपिंग की इस कड़ी सुरक्षा के पीछे एक बड़ा कारण तिब्बती एक्टिविस्टों द्वारा संभावित विरोध प्रदर्शन है। बीजिंग ने भारत को चेतावनी दी है कि विरोध के लिए ड्रोन, बैनर या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए होटल के आसपास एंटी-ड्रोन और अन्य सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

शाकाहारी भोजन और मोदी के साथ बैठक ब्रिक्स समिट के अलावा, पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। सूत्रों के अनुसार, जिनपिंग के लिए शाकाहारी भोजन का इंतजाम किया गया है। कुल मिलाकर, महज 24 घंटे के इस दौरे के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था इतनी अभेद्य है कि सुरक्षा एजेंसियों ने परिंदा भी पर न मार पाने की स्थिति सुनिश्चित कर दी है।

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