दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 ने एक नया और अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है। इस बार मुकाबला सिर्फ विचारधाराओं की लड़ाई नहीं, बल्कि संगठन के भीतर मची बगावत और रणनीतिक दांव-पेच का केंद्र बन गया है।
NSUI के लिए इस बार राह आसान नहीं है। संगठन के भीतर पनपी बगावत ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। तीन मुख्य पदों पर NSUI के बागी उम्मीदवार—समर्थ बेनीवाल (अध्यक्ष), हिमांशु शौकीन (उपाध्यक्ष) और विशेष यादव (सह-सचिव)—मैदान में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी NSUI के पारंपरिक वोट बैंक को दो हिस्सों में बांट सकती है। इसका सीधा और स्पष्ट फायदा सीधे तौर पर ABVP को मिलता दिख रहा है।
ABVP ने अपने 7-3-3-3 के फॉर्मूले के साथ प्रचार में आक्रामकता अपनाई है। यश डबास (अध्यक्ष), इशू मौर्य (उपाध्यक्ष), रिया छावड़ी (सचिव) और लक्ष्य राज सिंह (संयुक्त सचिव) के साथ संगठन एकजुट नजर आ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर कैंपस के गलियारों तक, ABVP इस एकता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बता रही है।
NSUI ने इस चुनाव में विजय शंकर मीणा (अध्यक्ष पद) को उतारकर सामाजिक प्रतिनिधित्व का बड़ा कार्ड खेला है। यह कदम आदिवासी समुदायों को साधने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर वीर चतरथ की उम्मीदवारी को भी राजनीतिक गलियारों में खास महत्व दिया जा रहा है। उनके पिता मनीष चतरथ का कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव होने के कारण, इस सीट पर मुकाबला व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिष्ठा का बन गया है।
DUSU के चुनाव में सचिव पद इस साल सबसे अधिक चर्चा का विषय है। ABVP और NSUI दोनों ने ही इस महत्वपूर्ण पद के लिए महिला उम्मीदवारों को खड़ा किया है। यह लेडीज वर्सेस लेडीज का मुकाबला चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाला साबित होगा, क्योंकि कैंपस में महिला मतदाताओं की सक्रिय भूमिका निर्णायक हो सकती है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब सवाल यह है कि क्या NSUI अपने बिखरे हुए वोट बैंक को मतदान के दिन तक एकजुट कर पाएगा? या फिर अंदरूनी कलह की आग में NSUI का सपना जल जाएगा और ABVP एक बार फिर कैंपस में अपनी सत्ता बरकरार रखेगी? आने वाले कुछ दिन इन सवालों का जवाब देने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।
One team. One spirit. One unstoppable student movement!
— ABVP (@ABVPVoice) September 11, 2026
7. 3. 3. 3. - REMEMBER THESE NUMBERS!
Yash Dabas - President → 7️⃣
Ishu Maurya - Vice President → 3️⃣
Riya Chhawdi - Secretary → 3️⃣
Lakshy Raj Singh - Joint Secretary → 3️⃣
Now it’s time to turn the numbers into a… pic.twitter.com/aCoxSWOn2N
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