नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक तस्वीर ने सबका ध्यान खींचा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात ने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
तनाव के बीच कूटनीति का मंच पश्चिम एशिया में चल रहे गहरे संघर्ष और ईरान-अमेरिका के बीच जारी गतिरोध के बीच यह बैठक बेहद अहम है। युद्ध के छठे महीने में प्रवेश करने के बाद, क्षेत्र में शांति की तलाश ब्रिक्स के एजेंडे में सबसे ऊपर रही है। भारत ने इस मंच का उपयोग कर विवादों को बातचीत से सुलझाने पर वैश्विक सहमति बनाने की कोशिश की है।
नई दिल्ली घोषणापत्र में शांति की अपील सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को मंजूरी दी गई। इसमें पश्चिम एशिया के हालातों पर गहरी चिंता जताई गई है। घोषणापत्र में सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देशों की संप्रभुता का सम्मान करने पर जोर दिया गया है। ब्रिक्स देशों ने स्पष्ट किया है कि स्थायी समाधान केवल कूटनीति और परामर्श से ही संभव है।
क्यों खास है ईरान-UAE का मिलना? यूएई और ईरान के बीच के संबंध ऐतिहासिक रूप से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। संघर्ष के दौरान यूएई की भूमिका और ईरान के खिलाफ हमलों में उसकी कथित भागीदारी ने तनाव को बढ़ाया था। ऐसे में ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों नेताओं का मिलना यह बताता है कि पर्दे के पीछे संवाद के रास्ते अभी भी खुले हैं।
भारत की बढ़ती कूटनीतिक धमक भारत के लिए यह घटनाक्रम एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। नई दिल्ली के ईरान और यूएई दोनों के साथ मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। ब्रिक्स समिट के जरिए भारत ने एक न्यूट्रल मध्यस्थ के रूप में खुद को स्थापित किया है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी धड़ों को एक मेज पर लाने की क्षमता रखता है।
निष्कर्ष ईरान और यूएई के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं है, बल्कि यह पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दिशा में एक संकेत है। भारत जिस तरह से इन जटिल भू-राजनीतिक समीकरणों को साध रहा है, वह वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती कूटनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।
Delhi | Iranian President Masoud Pezeshkian held a meeting and talks with the Crown Prince of Abu Dhabi, Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan, on the sidelines of the BRICS Summit.
— ANI (@ANI) September 12, 2026
(Source: Embassy of Iran in India) pic.twitter.com/tyFfiqJ0uk
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