ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन से पहले कांग्रेस के भीतर ही दो अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ब्रिक्स की उपयोगिता और इससे मिलने वाले ठोस नतीजों पर सवाल खड़ा किया है, वहीं सांसद शशि थरूर ने इसे भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया है।
चिदंबरम का तीखा सवाल पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलनों के परिणामों पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन सम्मेलनों से भारत को कोई भी ठोस लाभ मिलता नहीं दिखा है। चिदंबरम ने तर्क दिया कि भारत पहले से ही SCO, G20 और QUAD जैसे मंचों का हिस्सा है, ऐसे में ब्रिक्स की सार्थकता पर स्पष्टता जरूरी है।
थरूर के तर्क: क्यों महत्वपूर्ण है ब्रिक्स? इसके विपरीत, शशि थरूर ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के लिए एक बड़ा मंच बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के 11 प्रमुख देश वैश्विक आबादी और दुनिया की 41 प्रतिशत जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। थरूर के अनुसार, इन देशों को एक मंच पर लाना भारत की कूटनीतिक जीत है और यह देश के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
चुनौतियां और व्यापार घाटा हालांकि, थरूर ने ब्रिक्स की राह में आने वाली बाधाओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच वैश्विक मुद्दों, जैसे रूस-यूक्रेन संघर्ष या ईरान-यूएई तनाव पर आम राय बनाना बेहद कठिन है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार सहमति न बन पाने के कारण भारत को अकेले चेयर की घोषणा जारी करनी पड़ी थी।
इसके अलावा, थरूर ने व्यापारिक असंतुलन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ भारत का व्यापार तो बढ़ा है, लेकिन भारत का निर्यात घटा है और आयात में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय है।
भाजपा का पलटवार चिदंबरम के बयान के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए उन्हें नाराज फूफा करार दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रगति और कूटनीतिक सफलताओं को पचा नहीं पा रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट का आयोजन होना है। एक तरफ पार्टी के दिग्गज नेताओं के अलग-अलग रुख ने सियासत गरमा दी है, वहीं सरकार इस आयोजन को भारत की कूटनीतिक पहुंच के तौर पर पेश कर रही है।
VIDEO | Delhi: Congress MP Shashi Tharoor says, First of all, we re providing an important platform for the Global South. You know, the Global South is over 100 countries, but here we have 11 key players from the Global South who collectively represent much of the diversity of… pic.twitter.com/t29xaLVrgF
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
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