इजरायल का बड़ा प्रहार: ईरान की सबसे बड़ी सुरंग चौकी को किया धराशायी
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लेबनान में ईरान के सबसे बड़े ठिकाने पर हमला इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा खुलासा किया है। इजरायली प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए जानकारी दी कि इजरायली सेना ने लेबनान में मौजूद ईरान की सबसे बड़ी चौकी अली ताहेर सुरंगों को नष्ट कर दिया है। नेतन्याहू ने इसे मिशन पूरा हुआ करार देते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।

हथियारों और मिसाइलों का था जखीरा इजरायली सेना के अनुसार, यह भूमिगत नेटवर्क 2 किलोमीटर से अधिक लंबा था। यह केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह की बदर यूनिट का मुख्य कमांड सेंटर था। यहां न केवल रॉकेट, ड्रोन और टैंक-रोधी मिसाइलें जमा थीं, बल्कि इसमें रहने और लंबे समय तक छिपे रहने की भी पूरी सुविधा थी। नबातीह के आसपास के निवासियों ने इस हमले के दौरान हुए जोरदार विस्फोट को महसूस किया।

क्यों खास थी अली ताहेर की सुरंगें? इजरायली सीमा से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित अली अल-ताहेर पर्वतमाला दशकों से संघर्ष का केंद्र रही है। इसे ईरान द्वारा लेबनान में बनाई गई अपनी सबसे महत्त्वपूर्ण सैन्य चौकी माना जाता था। इजरायल का आरोप है कि ईरान इसी ठिकाने का इस्तेमाल कर अपनी सैन्य शक्ति का विस्तार कर रहा था। विस्फोट से पहले इजरायली सेना ने इस पूरे इलाके पर सामरिक नियंत्रण हासिल कर लिया था।

बफर जोन और टूटता युद्धविराम जून में हुए युद्धविराम के बाद यह उम्मीद थी कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे हट जाएगी और हिजबुल्लाह अपने हथियार डाल देगा। हालांकि, यह समझौता विफल होता दिख रहा है। हिजबुल्लाह ने हथियार छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है, जिसकी वजह से इजरायली सेना अब भी इस क्षेत्र में डटी हुई है।

बढ़ सकता है संघर्ष इजरायल का रुख स्पष्ट है: जब तक हिजबुल्लाह को पूरी तरह निरस्त्र नहीं किया जाता, तब तक उसकी सेना इन रणनीतिक ठिकानों से पीछे नहीं हटेगी। ईरान की इस प्रमुख चौकी का विनाश सीधे तौर पर ईरान और इजरायल के बीच जारी प्रॉक्सी वॉर को अब एक सीधी और खतरनाक दिशा में ले जा रहा है। इस हमले के बाद क्षेत्र में युद्ध के और अधिक भड़कने की आशंका जताई जा रही है।

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