परमाणु बम होता तो सुप्रीम लीडर को सर कहता, पूछा होता- मेरे लायक कोई काम है?: ट्रंप
News Image

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। डलास में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट नहीं किया होता, तो आज तेहरान के पास परमाणु बम होता और दुनिया के समीकरण पूरी तरह बदल चुके होते।

ईरानी नेता के सामने झुकना पड़ता ट्रंप ने तंज भरे लहजे में कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो आज उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर के सामने झुकना पड़ता। उन्होंने कहा, मैं उनसे कह रहा होता- मिस्टर सुप्रीम लीडर सर, आप कैसे हैं? क्या मेरे लिए कोई काम है? लेकिन अब मुझे ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने उनकी फैसेलिटीज को तबाह कर दिया है।

B-2 बॉम्बर्स से तबाह की ईरान की परमाणु साइट अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिकी वायु सेना के B-2 बॉम्बर प्लेन ने ईरान की परमाणु ठिकानों पर जोरदार बमबारी की थी। ट्रंप के मुताबिक, पहाड़ों के बीच बसी यह जगह ईरान के परमाणु कार्यक्रम का केंद्र थी, जिसे अमेरिकी सेना ने कई टन वजनी बमों से नष्ट कर दिया।

यूरोप के लिए बड़ा खतरा होता परमाणु ईरान ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान केवल एक तानाशाही देश नहीं, बल्कि एक चरमपंथी मजहबी सत्ता है। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरान के पास परमाणु बम आ जाता, तो वह सबसे पहले यूरोप को निशाना बनाता। उन्होंने कहा, हम ईरान में जो कुछ भी कर रहे हैं, उससे भविष्य में कई जानें बचेंगी। अब वह पहले जैसी हरकतें नहीं कर पाएंगे।

युद्ध का विरोध और समर्थकों को जवाब मिड-टर्म चुनाव से पहले ट्रंप ने अपने समर्थकों के बीच बढ़ती नाराजगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि उन्होंने ईरान में युद्ध क्यों छेड़ा, क्योंकि इससे पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं।

इस पर ट्रंप का जवाब था, मैं उनसे एक ही बात पूछता हूं- क्या आप चाहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो? निश्चित रूप से नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव खत्म होने के कुछ दिनों बाद ही यह सैन्य संघर्ष भी समाप्त हो जाएगा।

क्या परमाणु हथियार ही सुरक्षा का एकमात्र रास्ता? ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की प्रासंगिकता पर बहस चल रही है। सद्दाम हुसैन के इराक से लेकर यूक्रेन के परमाणु निरस्त्रीकरण तक, इतिहास के पन्ने बताते हैं कि सुरक्षा को लेकर देशों की सोच बदली है। पुतिन और तोकायेव के बीच हुई हालिया बातचीत भी इसी ओर इशारा करती है कि परमाणु शक्ति संपन्न होने को आज कई देश अपनी सुरक्षा की गारंटी मानते हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

UP चुनाव 2027: शामली में रालोद के पाला बदलने से बदलेगा सियासी समीकरण, जानें क्या है नई बिसात

Story 1

15 साल की उम्र में इतिहास रचने को तैयार वैभव सूर्यवंशी, जो सचिन-विराट भी नहीं कर सके

Story 1

BRICS समिट: दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा का चक्रव्यूह; 15,000 पुलिसकर्मी तैनात और 500 CCTV से चप्पे-चप्पे पर नजर

Story 1

IND vs AFG T20I: घर बैठे कहां देखें भारत-अफगानिस्तान सीरीज? जियो, हॉटस्टार और सोनी लिव भूल जाइए

Story 1

AI 80s ट्रेंड का सियासी बुखार: सोशल मीडिया पर भिड़े BJP और कांग्रेस, एक-दूसरे पर जमकर कसे तंज

Story 1

हेलीपैड का वीडियो दिखा अखिलेश ने खोली सरकार की पोल, बुलंदशहर में कार्यक्रम रद्द करने पर बरसे सपा अध्यक्ष

Story 1

धोनी की विरासत से आगे निकला झारखंड: दलीप ट्रॉफी में छाए राज्य के 5 मैच विनर

Story 1

पाकिस्तान को मिल गया नया वकार युनिस : 143 की रफ्तार और जो रूट का शिकार, कौन हैं यह अनजान गेंदबाज?

Story 1

iPhone 18 Pro के साथ Apple का नया एक्सेसरी कलेक्शन: स्टाइल और सुरक्षा का परफेक्ट मेल

Story 1

नंदीग्राम उपचुनाव: ममता बनर्जी को बागी गुट की चुनौती, क्या फिर दांव लगाएंगी दीदी?