मैनहोल में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन : पाकिस्तान के इस अनोखे जुगाड़ पर दुनिया लोटपोट
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मैनहोल के ढक्कन चोरी होना एक बड़ी समस्या बन चुका है। आए दिन ढक्कन गायब होने से खुले मैनहोल में लोगों और विशेषकर मासूम बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। अब इस मुसीबत से निपटने के लिए प्रशासन ने एक ऐसा तरीका निकाला है, जिसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।

सुरक्षा का नीला जाल पंजाब सरकार ने खुले मैनहोल के अंदर सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) लगाने का फैसला किया है। नीले रंग के इन जालों को मैनहोल के अंदर फिट किया जा रहा है, ताकि यदि ढक्कन गायब भी हो जाए, तो कोई व्यक्ति सीधे अंदर न गिरे। इन जालों की मजबूती चेक करने के लिए लोग खुद उसके ऊपर खड़े होकर परीक्षण करते भी दिखे।

सीएम का सख्त निर्देश मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने इस प्रोजेक्ट को फास्ट-ट्रैक पर चलाने का आदेश दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सफाई देते हुए कहा, यह कदम हर नागरिक और बच्चों की सुरक्षा के लिए है। जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो। सीएम के अनुसार, यह जाल ढक्कन का विकल्प नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा परत (Second layer of protection) है।

इंटरनेट पर मजे की लहर जैसे ही इसका वीडियो वायरल हुआ, एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, पाकिस्तान तकनीक में कितना आगे निकल गया है, इन्होंने तो मैनहोल में भी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन फीचर जोड़ दिया।

वहीं, एक अन्य यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, इतनी मेहनत करने से बेहतर था कि आप स्पाइडर-मैन को ही काम पर रख लेते! कुछ लोगों ने इस इंजीनियरिंग को मास्टरपीस बताकर मजाक उड़ाया, तो कुछ ने इसे जुगाड़ का बेहतरीन नमूना बताया।

क्या यह वाकई कारगर है? जहां बहुत से लोग इसका मजाक बना रहे हैं, वहीं कुछ समझदार यूजर्स ने इसे एक जरूरी पहल माना है। उनका तर्क है कि मैनहोल कवर चोरी होना वहां एक कड़वी सच्चाई है। ऐसे में, ढक्कन के बिना किसी की जान जाने से बेहतर है कि कम से कम यह सुरक्षा जाल तो मौजूद रहे।

हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। स्थायी हल तो यही है कि मैनहोल के ढक्कन ऐसे मटेरियल से बनाए जाएं जिनकी चोरी न हो सके। फिलहाल, पंजाब की सड़कों पर लगे ये नीले जाल चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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