बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शुमार नायक: द रियल हीरो के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर अनिल कपूर ने उन यादों को ताजा किया है जिन्होंने इस फिल्म को आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा रखा है। भले ही रिलीज के वक्त यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाई हो, लेकिन आज यह एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है।
शिवाजी राव का किरदार क्यों था खास? अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर फिल्म के दमदार सीन्स साझा करते हुए बताया कि उन्हें इस रोल ने क्यों आकर्षित किया। उन्होंने लिखा, मेरा आकर्षण सिर्फ एक आम आदमी के मुख्यमंत्री बनने के सफर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उस मकसद में था कि सत्ता मिलने के बाद शिवाजी ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कैसे किया।
क्या आप जानते हैं? शाहरुख-आमिर थे पहली पसंद दिलचस्प बात यह है कि शिवाजी राव के किरदार के लिए अनिल कपूर पहली पसंद नहीं थे। निर्देशक एस. शंकर ने सबसे पहले इस भूमिका के लिए आमिर खान और शाहरुख खान से संपर्क किया था। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और यह भूमिका अनिल कपूर के पास आई, जिसे उन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से अमर बना दिया।
कैसे शुरू हुई थी यह राजनीतिक जंग? साल 2001 में रिलीज हुई यह फिल्म एस. शंकर की तमिल ब्लॉकबस्टर मुधलवन का हिंदी रीमेक थी। कहानी एक टेलीविजन पत्रकार शिवाजी राव के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री बलराज चौहान (अमरीश पुरी) से भ्रष्टाचार पर तीखे सवाल पूछता है। इसके बाद मिली एक दिन की मुख्यमंत्री बनने की चुनौती ने फिल्म की पूरी दिशा बदल दी।
जब असल जिंदगी में मिले राजनीति के ऑफर फिल्म की लोकप्रियता का आलम यह था कि रिलीज के बाद अनिल कपूर को कई राजनीतिक दलों से जुड़ने के ऑफर मिले। लेकिन अभिनेता ने उन सभी को विनम्रता से ठुकरा दिया। उनका मानना है कि राजनीति में जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता की जरूरत होती है और वह इसमें अपना 100 प्रतिशत नहीं दे सकते थे।
क्यों आज भी प्रासंगिक है नायक ? फिल्म में रानी मुखर्जी, अमरीश पुरी, परेश रावल और जॉनी लीवर जैसे दिग्गज कलाकारों ने शानदार अभिनय किया था। आज 25 साल बाद भी नायक इसलिए याद की जाती है क्योंकि यह आम आदमी को यह एहसास दिलाती है कि सिस्टम बदलने की ताकत उसी के पास है। भले ही फिल्म का अंत थोड़ा काल्पनिक लगे, लेकिन यह आज भी उम्मीद की एक किरण जगाती है।
25 years of Nayak.
— Anil Kapoor (@AnilKapoor) September 7, 2026
What drew me to Shivaji Rao was never just the journey from a common man to the Chief Minister. It was what he chose to do once he got there, to use the power he had to make a difference to the people.
To portray a role with that kind of purpose was a… pic.twitter.com/0kXVFbP9Qr
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