गरबा में मुसलमानों की एंट्री बैन पर भड़के आदित्य ठाकरे, बोले- हमें हिंदुत्व का सर्टिफिकेट देने वाले ये कौन हैं?
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गरबा-डांडिया पर उठे नए विवाद नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) की अपील ने सियासी पारा गर्म कर दिया है। VHP ने स्पष्ट किया है कि इन कार्यक्रमों में गैर-हिंदुओं को शामिल नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए आयोजकों से आधार कार्ड की जांच और प्रवेश द्वार पर तिलक लगाने की शर्त रखी गई है।

आदित्य ठाकरे का तीखा पलटवार शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे ने VHP के इस रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। मुलुंड में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सीधा सवाल किया, हमें हिंदुत्व का सर्टिफिकेट देने वाले ये लोग कौन हैं? ठाकरे ने कहा कि मुंबई में होने वाले धार्मिक उत्सवों में आने वाले हर व्यक्ति की पहली पहचान मुंबईकर है।

बप्पा सबके हैं ठाकरे ने जोर देकर कहा कि गरबा, दही हांडी और गणेशोत्सव जैसे आयोजनों में लोग अपनी भाषा, धर्म या जाति से ऊपर उठकर शामिल होते हैं। उन्होंने कहा, लोग इन उत्सवों में बप्पा के लिए एक साथ आते हैं। बप्पा किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि सभी के हैं। उन्होंने धर्म के आधार पर उत्सवों को बांटने की कोशिशों को गलत बताया।

GDP के दावों पर सवालिया निशान आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए देश की GDP के आंकड़ों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो भी इन आंकड़ों पर सवाल उठाता है, उसे सरकार ब्रेनवॉश्ड नक्सली करार दे देती है। उन्होंने पूछा कि अगर अर्थव्यवस्था वास्तव में इतनी मजबूत है, तो सड़कों पर गड्ढे क्यों हैं, नौकरियां क्यों नहीं हैं और दिल्ली एयरपोर्ट जैसी जगहों पर बुनियादी ढांचा क्यों चरमरा रहा है?

दिल्ली हादसे पर सरकार को घेरा दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुई इमारत गिरने की घटना को लेकर भी आदित्य ठाकरे ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं। सुरक्षा और विकास पर ध्यान देने के बजाय, प्रशासन का ध्यान केवल छात्रों और विरोधियों को निशाना बनाने में लगा है।

VHP का स्टैंड बरकरार दूसरी ओर, VHP अपने फैसले पर अड़ी है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। VHP का तर्क है कि कार्यक्रमों की आड़ में होने वाली अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए एंट्री चेक और तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वैश्विक स्तर पर एकता और भाईचारे का संदेश दिया था।

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