दिल्ली के सत्य निकेतन में मातम: 5 मंजिला पीजी इमारत ढही, एक छात्र की मौत और कई के दबे होने की आशंका
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दिल्ली के छात्र-बहुल इलाके सत्य निकेतन में रविवार का दिन एक बड़ी त्रासदी लेकर आया। साउथ कैंपस के पास स्थित एक 5 मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में एक छात्र की दुखद मौत हो गई है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। अब तक छह लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

क्या है हादसे की मुख्य वजह? प्राथमिक जांच में बिल्डिंग की नींव को कमजोर करने वाली अवैध गतिविधियों की ओर इशारा किया जा रहा है। चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में रिपेयरिंग और खुदाई का काम चल रहा था। पुरानी जर्जर इमारत पर बिना अनुमति के किए गए अतिरिक्त निर्माण और बेसमेंट की खुदाई को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

बिल्डिंग मालिक पर कानूनी शिकंजा प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बिल्डिंग मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया है कि आरोपी गुरुग्राम का रहने वाला है और इलाके में कई अन्य पीजी भी चलाता है। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के बगल वाली इमारत को भी खाली करवा लिया गया है, जिसमें दरारें देखी गई हैं।

उच्च स्तरीय निगरानी हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और एनडीआरएफ के अधिकारियों से बात कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा की और बचाव टीमों को तेजी लाने के निर्देश दिए।

छात्रों में भारी आक्रोश सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस का हब है। यहां के छात्रों ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय पीजी में रहने वाले छात्रों का कहना है कि यहां सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं होता। तंग गलियों में बिना एग्जिट गेट और बिना किसी मंजूरी के ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दी गई हैं, जो किसी बड़े खतरे को दावत दे रही हैं।

विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर एमसीडी और स्थानीय प्रशासन को घेरा है। दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि अवैध रूप से चल रहे इन पीजी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, जिसका खामियाजा छात्रों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल, मलबे को हटाने का काम जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की स्ट्रक्चरल ऑडिट की तैयारी कर रही हैं।

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