जैसे ही मैंने दिमागी नक्सल वाली होम्योपैथी की गोली दी, सब बाहर निकल आए : पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार
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दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष और आलोचकों पर जमकर निशाना साधा। मेट्रो से कॉलेज पहुंचे पीएम ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए देश के बदलते स्वरूप और अपनी नीतियों पर विस्तार से बात की।

मैंने होम्योपैथी की गोली दी और सब बाहर आ गए

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने लाल किले से दिए गए अपने दिमागी नक्सल वाले बयान को याद किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, मैंने 15 अगस्त को होम्योपैथी की एक गोली दी थी। होम्योपैथी की दवा बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए उसे पहले कुछ समय के लिए उभारती है। जैसे ही मैंने दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल किया, सारे दिमागी नक्सल बिलों से बाहर आ गए।

पीएम ने स्पष्ट किया कि दिमागी नक्सल उन लोगों के लिए है जो हथियारों के बजाय अपनी नकारात्मक और अराजक विचारधारा के जरिए देश के नुकसान के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इन लोगों का असली चेहरा पहचान रही है।

आपदाओं का जिक्र कर आलोचकों को आईना दिखाया

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने कहा कि पिछले एक दशक में आई तमाम आपदाओं के दौरान आलोचकों को लगता था कि अब मोदी कुचल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लोगों को लगा कि भारत की अर्थव्यवस्था ढह जाएगी, लेकिन भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदला।

उन्होंने 2013 के दौर को याद करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2008 के आतंकी हमलों और बैंकिंग संकट के समय पिछली सरकारें मूकदर्शक बनी रही थीं, लेकिन आज का भारत हर मुश्किल का सामना करने में सक्षम है।

इकोसिस्टम बदला, अब सपने देखना आसान

युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, आज आप बड़े सपने इसलिए देख पा रहे हैं क्योंकि देश में एक सपोर्टिव इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए गए हैं, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा हुए हैं।

GenZ है धुरंधर

कॉलेज के छात्रों को ओजी (OG) बताते हुए पीएम ने कहा कि भारतीय आज दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब वह समय दूर नहीं जब भारत में बनी कंपनियां दुनिया का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने छात्रों को नेटवर्क और नॉलेज का सही इस्तेमाल कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

लगभग 48 मिनट तक चले इस भाषण के जरिए पीएम मोदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वे अपने आलोचकों के दिमागी नक्सल वाली सोच से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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