जंतर-मंतर कांड: एक वायरल पॉडकास्ट और इंफ्लुएंसर के पिता पर हमले की पूरी सच्चाई
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दो महीने पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई एक हिंसक झड़प अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गई है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की नाबालिग बेटी के पिता संजय कुमार पर हुए हमले का मामला एक वायरल पॉडकास्ट के बाद फिर से गरमा गया है। आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी सच्चाई।

विवाद की शुरुआत: 23 जून का दिन

घटना 23 जून 2026 की है, जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। इसी दौरान पार्टी कार्यकर्ता संजय कुमार का कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया। झड़प में संजय के सिर पर गंभीर चोट आई। इसके बाद संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस का शुरुआती रुख और FIR

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, संजय कुमार के सिर पर चोट किसी के हाथ में पहने कड़े की वजह से लगी थी। आरएमएल अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में चोट को मामूली बताया गया, जिसके कारण पुलिस ने हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसी गंभीर धाराएं लगाने से इनकार कर दिया था।

वायरल पॉडकास्ट ने क्यों पलटी बाजी?

मामला तब भड़का जब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट वायरल हुआ। इस वीडियो में वह कथित तौर पर स्वीकार कर रहा है कि संजय कुमार के सिर पर चोट उसकी वजह से लगी थी। साथ ही, उसने राजनीतिक रसूख और बड़े नामों का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई से बचने का दावा भी किया। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और इसे राजनीतिक संरक्षण का मामला बताया जाने लगा।

आरोपी बनाम पीड़ित: अपने-अपने दावे

वायरल होने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने सफाई देते हुए कहा कि यह हमला नहीं, बल्कि आत्मरक्षा (self-defence) में उठाया गया कदम था। दूसरी ओर, CJP का दावा है कि चोट बहुत गहरी थी और उन्हें दर्जनों टांके आए थे। संगठन का आरोप है कि पुलिस शुरू से ही आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है और मामले को रफा-दफा करना चाहती है।

राहुल गांधी की एंट्री और राजनीतिक गलियारे

अब यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। पीड़ित परिवार ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मदद मांगी, जिन्होंने इस मुद्दे पर अपना समर्थन देते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस की कानूनी टीम भी अब इस मामले में सक्रिय हो गई है। वहीं, CJP कार्यकर्ता लगातार संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपी पर हत्या के प्रयास, हेट स्पीच और SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस का पक्ष

दिल्ली पुलिस ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें सिर फटने और 60 टांकों की बात कही जा रही थी। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है और मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। फिलहाल, इस मामले ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है।

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