कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग को रोकने की वैश्विक कोशिशों के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचकर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और स्पष्ट संदेश दिया कि अब रुकने का समय आ गया है।
शांति का संदेश: युद्ध का समाधान मैदान में नहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने दोहराया कि भारत का रुख शुरू से ही अडिग रहा है— यह युद्ध का दौर नहीं है । उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का समाधान रणभूमि से नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर ही निकलेगा। भारत ने यूक्रेन को भरोसा दिलाया है कि वह इस संघर्ष को समाप्त करने और शांति वार्ता का रास्ता खोलने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
जेलेंस्की और जयशंकर के बीच अहम चर्चा अपनी मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति जेलेंस्की को शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच जारी युद्ध को रोकने के संभावित रास्तों पर विस्तार से चर्चा हुई। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की कोई भी पहल रूस और यूक्रेन के बीच आपसी संवाद के बिना सफल नहीं हो सकती, इसलिए दोनों देशों को बातचीत के लिए आगे आना होगा।
बढ़ती तबाही पर भारत की गहरी चिंता विदेश मंत्री ने युद्ध से हो रहे मानवीय नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष का हर एक दिन और अधिक मौतें और बर्बादी लेकर आ रहा है। कीव में हालिया रूसी हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई। भारत का मानना है कि जैसे-जैसे युद्ध खिंच रहा है, मानवीय संकट गहरा होता जा रहा है।
यूक्रेन ने की भारत की पहल की सराहना यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भारत की शांति पहल का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील की तारीफ की, जिसमें युद्ध को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही गई थी। सिबिहा ने भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि यूक्रेन कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समुद्री सुरक्षा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दे शांति वार्ता के अलावा, जयशंकर और सिबिहा के बीच व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। चूंकि भारतीय नाविक वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर काम करते हैं, उनकी सुरक्षा भारत के लिए प्राथमिकता है। साथ ही, दोनों देशों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती देने पर सहमति जताई है।
जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री को भारत-यूक्रेन अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक के लिए भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है, जो दोनों देशों के बीच भविष्य के संबंधों की नई इबारत लिखेगा।
Pleased to call on President @ZelenskyyUa today #Ukraine
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 3, 2026
Apprised him of discussions with FM @andrii_sybiha on deepening our bilateral cooperation.
Our conversation centered on approaches to end the ongoing conflict.
🇮🇳🇺🇦 pic.twitter.com/K2dRUWsMBL
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