मध्य प्रदेश के अजयगढ़ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सरकारी दावों और उदासीनता के बीच उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है। 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग बिट्टू तबाही के नाम से जानते हैं, ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े बजट और सरकारी मशीनरी नहीं कर सकी। बिट्टू ने अकेले अपने दम पर अजनार नदी का कायाकल्प कर दिया है।
अकेले छेड़ा सफाई का मिशन कभी कचरे और गंदगी से पटी रहने वाली अजनार नदी आज एक साफ-सुथरी धारा में बदल चुकी है। बिट्टू ने पिछले दो वर्षों से इस मिशन को अपनी दिनचर्या बना लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी की पहले और बाद की स्थिति साफ देखी जा सकती है। यह बदलाव रातों-रात नहीं आया, बल्कि इसके पीछे कड़ी मेहनत और पसीना छिपा है।
मजाक से शुरू होकर हौसले तक का सफर बिट्टू का सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने सफाई शुरू की, तो स्थानीय लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और उन्हें पागल तक कहा। बिट्टू बताते हैं कि एक सोशल मीडिया कमेंट ने उन्हें चुनौती की तरह लिया, जिसमें उन पर सिर्फ वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उन्होंने खुद को साबित करने और अपनी विरासत को बचाने का संकल्प लिया।
खतरा, संक्रमण और दृढ़ संकल्प सफाई के दौरान बिट्टू का सामना केवल प्लास्टिक और कचरे से नहीं, बल्कि जहरीले सांपों और खतरनाक गंदगी से भी हुआ। इस काम की कीमत उन्हें शारीरिक रूप से भी चुकानी पड़ी। गंदगी के संपर्क में रहने के कारण उनके हाथों और पैरों में गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसके चलते उनकी खाल तक निकलने लगी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
बदलाव के लिए सरकारी भरोसे की जरूरत नहीं बिट्टू की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे नेक हों, तो बड़े बदलाव के लिए किसी सरकारी फंड या तंत्र की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने न केवल अजनार नदी को नया जीवन दिया, बल्कि समाज के सामने एक मिसाल भी पेश की है। आज लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं और उनके इस वायरल वीडियो को देखकर प्रेरित हो रहे हैं कि कैसे एक व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रख सकता है।
मध्य प्रदेश के अजयगढ़ से ये सकारात्मक लेकिन हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ़ बिट्टू तबाही ने अकेले गंदगी से पटी नदी को साफ किया. बिट्टू का ये वीडियो अब वायरल है. #BittuTabahi #MadhyaPradesh #ViralVideo #ABPNews pic.twitter.com/kemM4IIz4I
— ABP News (@ABPNews) September 3, 2026
हबीबी, कम टू ईरान : गेम के जरिए ईरान ने अमेरिका का उड़ाया मजाक
नासिक: आदिवासी छात्रों की 12 दिन से भूख हड़ताल, अभिजीत दीपके का तीखा सवाल- क्या मंत्रियों के बच्चे खाएंगे यह खाना?
बाढ़ में उम्मीद की किरण बने DM पुलकित गर्ग, खुद नाव चलाकर पहुंचाई मदद
जंतर-मंतर कांड: स्वतंत्र भारद्वाज कौन है जिसने निशू आजाद के पिता को दी 60 टांकों की चोट?
नागपुर फायर ब्रिगेड का सूखा कारनामा: आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी, लेकिन पानी ही गायब!
भीषण गर्मी का कहर: शिकागो में पिघला पुल, हवा में लटका तो थम गई शहर की रफ्तार
क्या अमेरिका का जखीरा खाली हो गया? ट्रंप ने आलोचकों को बताया देशद्रोही
जन्माष्टमी: पीएम मोदी और दिग्गजों ने दी देशवासियों को बधाई, कहा- श्रीकृष्ण का संदेश है जीवन का आधार
ट्रेन में समोसा खाने वाले हो जाएं सावधान: कानपुर की सड़ांध वाली फैक्ट्रियों का पर्दाफाश
कुशवाहा, पंडित, राजपूत, पासवान... आप जाति में उलझे और नेता बच्चों के भविष्य में