भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार तड़के अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ISRO ने अपने शक्तिशाली रॉकेट GSLV-F17 के जरिए भारत के पहले जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट EOS-05 को सफलतापूर्वक उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया है।
36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से रखेगा नजर अभी तक भारत के सभी 22 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) से काम करते थे, लेकिन EOS-05 अलग है। यह पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में तैनात रहेगा। इस ऊंचाई से सैटेलाइट पृथ्वी की घूमने की गति के साथ तालमेल बिठाकर एक निश्चित स्थान पर लगातार नजर रख सकेगा।
GSLV का अब तक का सबसे भारी मिशन यह मिशन तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। 2,367 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट GSLV रॉकेट द्वारा ले जाया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड है। ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि GSLV (D1) के पहले मिशन की तुलना में आज हमने इसकी क्षमता और परफॉर्मेंस में भारी सुधार किया है।
सीमा सुरक्षा के लिए गेम चेंजर EOS-05 को आसमान में मौजूद आंख (Eye in the sky) कहा जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगे हैं जो विजिबल, इन्फ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में तस्वीरें लेने में सक्षम हैं। यह सीमा पर हलचल की 5 मीटर तक स्पष्ट और रियल-टाइम तस्वीरें सुरक्षा बलों को उपलब्ध कराएगा।
आपदा प्रबंधन में भी मिलेगी मदद इसका उपयोग केवल सैन्य निगरानी तक सीमित नहीं है। यह सैटेलाइट खेती, पर्यावरण निगरानी और आपदा प्रबंधन में भी देश की बड़ी मदद करेगा। ISRO के अनुसार, सैटेलाइट के सोलर पैनल सफलतापूर्वक तैनात कर दिए गए हैं और सभी सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
ISRO की ऐतिहासिक कामयाबी केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा। यह मिशन न केवल भारत को स्ट्रैटेजिक डेटा उपलब्ध कराएगा, बल्कि भविष्य के जियो-प्लेटफॉर्म मिशनों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
Another giant leap for India in Space!
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) September 3, 2026
Kudos to Team @isro on the successful launch of GSLV-F17/EOS-05.
EOS-05 is a state-of-the-art Earth Observation satellite and India’s first imaging satellite from Geosynchronous Orbit, enabling advanced imaging across visible, infrared,… pic.twitter.com/1HHJrWM7ze
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