100 परसेंट टैरिफ की धमकी पर जयशंकर का दो-टूक जवाब: भारत अपनी जनता की जरूरतें नजरअंदाज नहीं कर सकता
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कीव में रूसी तेल पर पूछे गए सवाल का विदेश मंत्री ने दिया करारा जवाब रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का यूक्रेन दौरा सुर्खियों में है। कीव में एक यूक्रेनी पत्रकार ने जयशंकर से तीखा सवाल पूछा कि अगर अमेरिका रूस से तेल खरीदने पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दे, तो क्या भारत रूस से तेल लेना बंद कर देगा? इसका जवाब देते हुए जयशंकर ने साफ कर दिया कि भारत किसी भी बाहरी दबाव में आकर अपनी नीतियां नहीं बदलेगा।

140 करोड़ की आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि विदेश मंत्री ने बड़ी शांति से जवाब देते हुए कहा कि दुनिया को यह समझना होगा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश के लिए ईंधन का इंतजाम करना कितनी बड़ी चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जनता की जरूरतों को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं कर सकता। जयशंकर ने कहा, यूक्रेन का अपना नजरिया है जिसका हम सम्मान करते हैं, लेकिन दुनिया को भारत के दृष्टिकोण और उसकी जरूरतों का भी सम्मान करना चाहिए।

तेल खरीदने से नहीं रुकेगा युद्ध जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस से तेल, धातु या अन्य वस्तुएं खरीदने या न खरीदने से यह युद्ध बंद नहीं होने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि आर्थिक पाबंदियां लगाकर या व्यापार रोककर इस जंग को खत्म किया जा सकता है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने दोहराया कि इस संघर्ष का समाधान जंग के मैदान में नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत (डायलॉग) के जरिए ही निकल सकता है।

जेलेंस्की ने भारत की भूमिका को सराहा जिस समय भारतीय प्रतिनिधिमंडल कीव में था, उसी दौरान रूस ने ड्रोन हमले किए। हालांकि भारतीय टीम पूरी तरह सुरक्षित रही। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भारत के शांति प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे युद्ध समाप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के आभारी हैं। जेलेंस्की ने माना कि यह समय युद्ध का नहीं है और भारत का रुख इस मामले में स्पष्ट और मजबूत है।

ग्लोबल साउथ के लिए भारत बना आवाज बैठक के दौरान ब्लैक सी में जहाजों पर हो रहे हमलों और खाद्यान्न निर्यात में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने चिंता जताते हुए कहा कि ईंधन, खाद और अनाज की आपूर्ति में रुकावट से सबसे अधिक नुकसान ग्लोबल साउथ यानी गरीब और विकासशील देशों को हो रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर इन देशों की आवाज लगातार उठाता रहा है।

मानवीय आधार पर भारत का सहयोग जारी रूस के साथ रणनीतिक संबंधों के बावजूद, भारत ने मानवीय आधार पर यूक्रेन की मदद जारी रखी है। विदेश मंत्री ने बताया कि भारत अब तक यूक्रेन को दवाइयां, मेडिकल उपकरण और बिजली जनरेटर की 19 खेप भेज चुका है। यह दौरा साबित करता है कि भारत किसी गुट का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक शांति के लिए कूटनीतिक संतुलन साधने में पूरी तरह सक्षम है।

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