अफगानिस्तान की सेना के पूर्व जनरल और तालिबान के खिलाफ आखिरी मोर्चेबंदी करने वाले हैबतुल्लाह अलीजई का जीवन पूरी तरह बदल गया है। जो शख्स कभी फौजी कमान संभालता था, वह आज वॉशिंगटन की सड़कों पर उबर (Uber) कैब चलाकर अपना गुजारा करने को मजबूर है।
तालिबान के कब्जे का वह आखिरी दिन अगस्त 2021 के उन खौफनाक दिनों को याद करते हुए अलीजई बताते हैं कि कैसे अफगानिस्तान रातों-रात बदल गया। जब तालिबान काबुल की ओर तेजी से बढ़ रहा था, तब वे अमेरिकी सेना के साथ मिलकर प्रतिरोध की आखिरी कोशिश कर रहे थे। उसी अफरा-तफरी के बीच उन्हें बताया गया कि बेस खाली करना है और कुछ ही मिनटों में वहां से निकलना होगा।
अंधेरे में भरी उड़ान, पता नहीं था ठिकाना अलीजई ने बताया कि काबुल से निकलते वक्त उन्होंने वर्दी उतार दी थी और आम कपड़ों में अमेरिकी सेना के सी-17 विमान में सवार हुए। उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। विमान पहले कुवैत में उतरा और बाद में उन्हें शरणार्थी के तौर पर अमेरिका ले जाया गया।
वॉशिंगटन में संघर्षपूर्ण नई जिंदगी अमेरिका पहुंचने के बाद का सफर कतई आसान नहीं था। अलीजई के अनुसार, लंबी प्रक्रिया और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के कारण उन्हें सम्मानजनक नौकरी मिलने में काफी परेशानी हुई। आज वे वॉशिंगटन डीसी में उबर चला रहे हैं। एक सैन्य कमांडर के लिए यह बदलाव किसी सदमे से कम नहीं है, जिसे उन्होंने इंटरव्यू में कभी न सोची गई जिंदगी करार दिया।
एयरपोर्ट हमले की दी थी चेतावनी अलीजई ने काबुल एयरपोर्ट पर तैनात रहने के दौरान की एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अफगान इंटेलिजेंस ने 26 अगस्त 2021 के उस आत्मघाती हमले की चेतावनी पहले ही दे दी थी, जिसमें 170 अफगान नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई थी। उनके अनुसार, हमले से तीन दिन पहले ही आईएस-के (IS-K) के मंसूबों के बारे में आगाह कर दिया गया था।
20 साल के संघर्ष का क्या निकला परिणाम? पीछे मुड़कर देखते हुए, अफगान जनरल ने माना कि अमेरिका और अफगानिस्तान की 20 साल की सैन्य साझेदारी का मुख्य उद्देश्य अमेरिका को आतंकी हमलों से बचाना था, जिसमें वे काफी हद तक कामयाब रहे। हालांकि, जिस तरह से युद्ध का अंत हुआ और उन्हें अपने करियर के इस मुकाम पर आकर कैब चलानी पड़ रही है, उसे लेकर उन्होंने गहरा दुख और हताशा जाहिर की।
Five years ago today, the last U.S. soldier left Afghanistan, ending America&dhapos;s longest war and leaving the country under Taliban control. @margbrennan spoke with former Afghan Gen. Haibatullah Alizai, who led a last-ditch effort to stop the Taliban from sweeping control of the… pic.twitter.com/VdpYbAACvJ
— Face The Nation (@FaceTheNation) August 30, 2026
क्या भारत बनेगा शांतिदूत ? मोदी-जयशंकर की सक्रियता से रूस-यूक्रेन युद्ध में सुलह की उम्मीद
ब्रेक के बजाय दबा एक्सीलेटर, सिग्नल पर मौत का तांडव: मुंबई में महिला की जान गई
IPL 2027: क्या केएल राहुल ने बिगाड़ दिया हार्दिक पांड्या का कोलकाता कनेक्शन?
मिशन यूपी 2027: भाजपा ने अवध क्षेत्र में फूंका चुनावी बिगुल, 34 सदस्यीय नई टीम का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी में दो फाड़: मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई CJP-डेमोक्रेटिक , लगाए गंभीर आरोप
क्या गौतम गंभीर की जगह लेंगे वीवीएस लक्ष्मण? एशियन गेम्स 2026 के लिए बड़ा फैसला
मंधाना की शतकीय आंधी में उड़ा हांगकांग: भारत ने बनाया सेमीफाइनल का रास्ता, तोड़े बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड
IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, पूर्व साथी ने खोला माही की पसंद का राज
US Open 2026: नेट पर बैठी चिड़ियों ने बिगाड़ा खेल, अंपायर के फैसले से भड़के डेनिल मेदवेदेव
फर्जी IAS तृप्ति सिंह का पर्दाफाश: खुद को अफसर बताकर लूटे लाखों, ऐसे खुला ट्रेनिंग सेंटर का काला चिट्ठा