नई दिल्ली: CJP आंदोलन के बाद बनी नेशनल कोर टीम को लेकर विवाद गहरा गया है। अब इस आंदोलन से जुड़े मनीष ब्रह्मभट्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक (CJP-Democratic) नामक एक अलग मंच लॉन्च करने का ऐलान किया है। ब्रह्मभट्ट ने इस कदम के पीछे आंदोलन के राजनीतिकरण और कुछ प्रभावशाली लोगों की मनमानी को प्रमुख वजह बताया है।
आंदोलन के मूल उद्देश्य से भटकाव मनीष ब्रह्मभट्ट ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस आंदोलन को देश के आम लोगों ने अपने खून-पसीने से सींचा था, उसे अब राजनीतिक सौदेबाजी का अड्डा बना दिया गया है। ब्रह्मभट्ट के अनुसार, मौजूदा नेतृत्व ने आंदोलन के मूल उद्देश्यों को भुला दिया है और इसे टीम केजरीवाल के रूप में तब्दील कर दिया है।
अभिजीत दीपके पर भाई-भतीजावाद का आरोप ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि अभिजीत दीपके ने वॉलंटियर्स और आंदोलनकारी साथियों से राय लिए बिना ही 12 सदस्यीय कोर टीम का गठन कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस टीम में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े लोगों और निजी परिचितों को तरजीह दी गई, जबकि आंदोलन की नींव रखने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया।
प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवाल नई कोर टीम पर हमला बोलते हुए ब्रह्मभट्ट ने कहा कि इसमें छात्रों, मुस्लिम समुदाय के पुरुष प्रतिनिधियों, सिख समुदाय और अन्य सामाजिक संगठनों को कोई भी जगह नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि RJD, सपा, शिवसेना और NCP जैसे दलों के जिन कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया था, उन्हें भी जानबूझकर बाहर रखा गया।
केजरीवाल पर साधा निशाना मनीष ब्रह्मभट्ट ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे अन्ना आंदोलन की तर्ज पर अब इस आंदोलन का इस्तेमाल भी अपने राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहते हैं। उन्होंने झारखंड छात्र आंदोलन में अभिजीत दीपके की अनुपस्थिति को भी एक बड़ी राजनीतिक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया।
दीपके की सफाई दूसरी ओर, इन विवादों के बीच अभिजीत दीपके ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों का खंडन किया है। विशेष रूप से अपनी विदेश यात्रा और पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्कॉलरशिप की मदद से विदेश गए थे और जल्द ही अपने एजुकेशन लोन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे।
#WATCH | Delhi: Founder CJP- Democratic, Manish Brahmbhatt says, Today, we are launching the Cockroach Janata Party Democratic ... Why did we have to do this? The movement belonged to the nation; it succeeded because people poured their blood and sweat into it. However, after… pic.twitter.com/qt0OnWLrzM
— ANI (@ANI) September 3, 2026
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