देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) में इलाज की आस लेकर पहुंची 16 साल की तन्वी ने आखिरकार दम तोड़ दिया। राजस्थान के कोटा की रहने वाली तन्वी की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की धज्जियां भी उड़ा दी हैं। तन्वी पिछले 14 सालों से दिल की एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थी।
तन्वी को जन्म से ही वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) और पल्मोनरी एट्रेसिया जैसी गंभीर समस्या थी। यह एक जन्मजात हृदय रोग है, जिसमें दिल से फेफड़ों तक रक्त संचार का रास्ता बाधित हो जाता है। साल 2012 में पहली बार एम्स की ओपीडी में तन्वी की जांच हुई थी, जिसके बाद से ही उसके माता-पिता उसे लेकर अस्पताल के चक्कर काटते रहे।
तन्वी के पिता मुकेश कुमार का दर्द गहरा है। उनका आरोप है कि हर बार सर्जरी की तारीख को टाल दिया गया। पिता कहते हैं, मैं 14 साल से दिल्ली में दर-दर भटक रहा हूं। मैंने केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से भी गुहार लगाई, लेकिन मेरी बेटी को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने अब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाई है और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले के तूल पकड़ने पर एम्स ने सफाई जारी की है। अस्पताल का कहना है कि 2013 में आधुनिक जांचों (CT एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथीटेराइजेशन) के बाद 2017 में यह निष्कर्ष निकाला गया था कि तन्वी की बीमारी इतनी जटिल है कि सर्जरी संभव नहीं है। एम्स के अनुसार, बाद में अन्य विशेषज्ञों ने भी सर्जरी के बजाय दवाइयों से इलाज जारी रखने की सलाह दी थी। हालांकि, अगस्त 2026 में हालत बिगड़ने पर उसे फिर से भर्ती किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
फिलहाल एम्स प्रशासन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। अस्पताल ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कमेटी की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक बच्ची की 14 साल की लंबी लड़ाई का ऐसा दुखद अंत, यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सरकारी अस्पतालों में आम आदमी के लिए इलाज का इंतज़ार वाकई इतना लंबा और जानलेवा होना चाहिए?
Delhi: A 16-year-old girl from Kota, Tanvi, died early Tuesday after reportedly waiting 14 years for heart surgery at AIIMS Delhi. She had been suffering from a congenital heart condition since 2012. Despite repeated visits by her parents and their approach to the Union Health… pic.twitter.com/8DcEcxNCfG
— IANS (@ians_india) September 2, 2026
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