पीएम मोदी पर अमरजीत कौर की धमकी से सियासी बवाल, बीजेपी ने बताया दिमागी नक्सलवाद
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नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में बयानों की मर्यादा लगातार गिरती जा रही है। अब सीपीआई (CPI) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस टिप्पणी के बाद बीजेपी ने तीखा हमला बोला है।

क्या कहा अमरजीत कौर ने? दिल्ली में एक रैली को संबोधित करते हुए अमरजीत कौर ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी की उस टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कम्युनिस्टों और लाल झंडे को देश के लिए खतरनाक बताया था। इसी संदर्भ में अमरजीत कौर ने पीएम मोदी के लिए निपटा डालने जैसी विवादास्पद और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया।

बीजेपी का जोरदार पलटवार अमरजीत कौर के इस बयान के बाद बीजेपी आक्रामक मुद्रा में आ गई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए इसे दिमागी नक्सली सोच करार दिया। भंडारी ने कहा कि ऐसे बयानों के कारण ही भारत की जनता सीपीआई को नकार रही है। पार्टी ने अमरजीत कौर से इस बयान के लिए तत्काल माफी मांगने की मांग की है।

माफी से इनकार, विवाद और गहराया विवाद बढ़ता देख अमरजीत कौर ने अपने बयान पर सफाई दी, लेकिन माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने रुख पर कायम रहते हुए तर्क दिया कि यदि प्रधानमंत्री कम्युनिस्टों को खत्म करने की बात कर सकते हैं, तो उन्हें भी अपनी बात कहने का हक है। इस स्पष्टीकरण ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

कौन हैं अमरजीत कौर? 74 वर्षीय अमरजीत कौर वामपंथी राजनीति का एक पुराना चेहरा हैं। एमएससी और एलएलबी की डिग्री धारक कौर छात्र जीवन से ही सीपीआई से जुड़ी रही हैं। वह अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) की महासचिव रहने के साथ-साथ ट्रेड यूनियन (AITUC) में भी लंबे समय तक सक्रिय रही हैं। 1972 में जेल यात्रा कर चुकीं कौर का लंबा राजनीतिक और सांगठनिक अनुभव रहा है।

पृष्ठभूमि में क्या है? यह पूरा विवाद पीएम मोदी के उस संबोधन के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने 15 अगस्त के दौरान दिमागी नक्सलियों को देश के लिए हथियारों वाले नक्सलवाद से भी बड़ी चुनौती बताया था। पीएम ने कहा था कि इस वर्ग से देश को बचाना आवश्यक है। इसी टिप्पणी के जवाब में वामपंथी नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है।

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