बाड़मेर में सचिन पायलट के सामने लगे सीएम वाले नारे, असहज हुए नेता तो तुरंत दी नसीहत
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बाड़मेर: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के बाड़मेर दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें अगला सीएम बताते हुए नारेबाजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नारेबाजी से असहज हुए पायलट मंगलवार को सचिन पायलट जब बाड़मेर के गुढ़ामालानी इलाके में एक कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे, तो वहां समर्थकों का जोश चरम पर था। भीड़ में से अचानक नारेबाजी शुरू हुई— अगला सीएम कौन होगा, सचिन पायलट होगा।

अपने नाम के साथ सीएम पद का नाम जुड़ते ही पायलट असहज नजर आए। उन्होंने तुरंत कार्यकर्ताओं को टोकते हुए ऐसे नारे न लगाने की हिदायत दी। नेता के निर्देश के बाद कार्यकर्ता चुप हो गए, लेकिन तब तक इस वाकये का वीडियो रिकॉर्ड हो चुका था।

प्रतियोगी छात्रों से किया संवाद बाड़मेर दौरे के दौरान पायलट ने पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी द्वारा संचालित वीरेंद्र धाम छात्रावास का दौरा किया। वहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ ब्रेकफास्ट पर चर्चा की और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। पायलट ने इस संस्थान की पहल के लिए हेमाराम चौधरी और उनकी दिवंगत बेटी सुनीता चौधरी के प्रयासों की सराहना की।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना पार्टी कार्यालय में नगर निकाय चुनाव के उम्मीदवारों से संवाद करते हुए पायलट ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है और नामांकन प्रक्रिया में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

पारदर्शी परीक्षाओं का तंत्र खत्म पायलट ने राज्य सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा की आंतरिक गुटबाजी चरम पर है, जिससे जनता त्रस्त है। उन्होंने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने वाली पूरी व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया है। पायलट ने दावा किया कि आज प्रदेश में कोई भी परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं हो पा रही है।

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