छात्रों के बाद अब Gen Z वकीलों पर कांग्रेस की नजर: राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी का मास्टर प्लान
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कांग्रेस पार्टी ने युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक नई रणनीति तैयार की है। राहुल गांधी अब Gen Z वकीलों को मुख्यधारा की राजनीति और पार्टी की विचारधारा से जोड़ने की तैयारी में हैं। इस मुहिम की कमान वरिष्ठ नेता और लीगल सेल प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी को सौंपी गई है।

पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत इस पहल के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में 10 युवा वकीलों का चयन किया गया है। ये वकील कांग्रेस के 10 अलग-अलग सांसदों के साथ काम करेंगे और उन्हें कानूनी मामलों में मदद मुहैया कराएंगे। खास बात यह है कि फिलहाल ये वकील पार्टी के सदस्य नहीं हैं, बल्कि एक लीगल इंटर्नशिप के तौर पर काम करेंगे। अगर भविष्य में उनकी सोच पार्टी की नीतियों से मेल खाती है, तो उन्हें पार्टी में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

15 मिनट की मांग, सवा घंटे की मंथन सूत्रों के अनुसार, अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी से इस विषय पर चर्चा के लिए केवल 15-20 मिनट का समय मांगा था। लेकिन चर्चा इतनी गंभीर और विस्तृत रही कि यह बैठक लगभग सवा घंटे तक चली। इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद गंभीर है।

राहुल गांधी के तीन प्रमुख संदेश युवा वकीलों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:

  1. स्वतंत्र अभिव्यक्ति: राहुल ने जोर दिया कि कांग्रेस में हर किसी की बात सुनी जाती है और वैचारिक आलोचना को भी सम्मान के साथ जगह दी जाती है। उन्होंने इसे अपनी हिंदुइज्म की विचारधारा से भी जोड़ा।
  2. पीड़ितों के हक की राजनीति: राहुल ने युवाओं को नसीहत दी कि राजनीति का उद्देश्य गरीब, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की मदद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी ज्वाइन करने की जल्दबाजी न करें, पहले इस दिशा में काम करना सीखें।
  3. सामाजिक जिम्मेदारी और वकालत: राहुल गांधी ने युवा वकीलों से आह्वान किया कि वे अपनी वकालत का कुछ समय समाज के जरूरतमंदों और गरीबों को मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए समर्पित करने का संकल्प लें।

सोशल मीडिया पर उत्साह अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे जोश भरी बातचीत बताया और कहा कि इन होनहार वकीलों के तीखे सवाल और संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पार्टी के लिए एक नई ऊर्जा की तरह है। कांग्रेस का यह प्रयोग आने वाले समय में अन्य सांसदों के लिए भी लागू किया जा सकता है।

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