महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त अचानक हलचल मच गई, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक को बीच में ही छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक से उनकी गैरमौजूदगी ने कई कयासों को जन्म दे दिया।
क्या सरकार में सब कुछ ठीक है? शिंदे के अचानक दिल्ली दौरे को लेकर महाराष्ट्र के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच सब कुछ ठीक है? क्या शिंदे सरकार से किसी बात को लेकर नाराज हैं? इन तमाम अटकलों ने विपक्षी खेमे को भी सक्रिय कर दिया था।
संगठन विस्तार और कानूनी मुद्दों पर है फोकस दिल्ली पहुंचने के बाद शिंदे ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए अपने दौरे की दो मुख्य वजहें बताईं। उन्होंने कहा कि शिवसेना का संगठन अब देश के अन्य राज्यों में भी विस्तार कर रहा है। दिल्ली में विभिन्न राज्यों के पार्टी प्रदेश अध्यक्षों के साथ एक संगठनात्मक बैठक बुलाई गई है, ताकि संगठन को और मजबूत किया जा सके।
इसके अलावा, शिंदे ने बताया कि वे यहां अपने वरिष्ठ वकीलों से मुलाकात करेंगे। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के चुनाव चिह्न और पार्टी के अस्तित्व से जुड़े मामले पर चल रही अदालती कार्यवाही और कानूनी दलीलों पर चर्चा करना इस दौरे का एक प्रमुख हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला? गौरतलब है कि 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद पार्टी के नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न को लेकर शिंदे गुट और उद्धव गुट के बीच कानूनी जंग छिड़ी हुई है। फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना था, जिसे उद्धव गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ही यह तय करेगा कि पार्टी और उसके निशान का असली वारिस कौन है।
तेलंगाना में राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव को पुलिस ने उनके तरनाका स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया।
क्या है पूरा मामला? रामचंद्र राव मंगलवार को नलगोंडा जाने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने उन्हें उनके घर से बाहर निकलने से रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद से तरनाका और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल है। भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
भाजपा का तीखा प्रहार पार्टी नेताओं ने रामचंद्र राव की गिरफ्तारी को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी तुलना आपातकाल से की है। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। फिलहाल भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरे क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
*#WATCH | Delhi: On his Delhi visit, Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde says, Shiv Sena is present in every state across the country. The state presidents also have a desire to meet the party leadership, and it is easier for them to come to Delhi and hold meetings here. Our… pic.twitter.com/0sD0dV4gA1
— ANI (@ANI) September 1, 2026
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