दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग के बीच खींचतान तेज हो गई है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग द्वारा साझा की गई डिलीट किए गए वोटरों की सूची की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
क्या है AAP का आरोप? सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को जो सूची मुहैया कराई है, वह अधूरी है। उनके अनुसार, इस सूची में डिलीट किए गए मतदाताओं के नाम तो हैं, लेकिन उनका पता और फोन नंबर गायब है। भारद्वाज का तर्क है कि बिना इन विवरणों के, कोई भी राजनीतिक दल यह सत्यापित नहीं कर सकता कि नाम काटना सही है या नहीं।
वैरिफिकेशन में बड़ी बाधा भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केवल नामों की सूची मिलने से वास्तविक वोटरों का पता लगाना नामुमकिन है। उन्होंने इसे मतदाताओं के साथ धोखा करार दिया है। उनका कहना है कि यदि कार्यकर्ता वोटर तक पहुंच ही नहीं सकते या उनका पता नहीं जान सकते, तो वे संबंधित मतदाता से संपर्क कर यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि उसका नाम गलत तरीके से तो नहीं हटाया गया।
आश्वासन के बाद भी अधूरी जानकारी? आप नेता का दावा है कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के साथ हुई बैठकों में यह मांग उठाई गई थी कि हटाई गई सूची के साथ संपर्क विवरण भी साझा किए जाएं। भारद्वाज के अनुसार, चुनाव आयोग ने इस पर आश्वासन भी दिया था, लेकिन अंतिम समय पर मिली सूची में जरूरी जानकारियां नदारद हैं, जिससे अब प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो गया है।
बढ़ता विवाद और नए सवाल अब यह विवाद केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि सूची मिली है या नहीं। असल बहस इस बात पर है कि क्या चुनाव आयोग ने जानबूझकर आधी-अधूरी सूची साझा की है ताकि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठ सके। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह व्यवस्था वास्तविक वोटरों को सिस्टम से बाहर करने का एक चतुर तरीका है।
This is how “लोमड़ी” Election Commission cunningly shares list of deleted voters with “No address , No phone number.”
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) September 1, 2026
How will a political party worker verify the genuineness of these mass deletions ?
This is being deliberately done to fraudulently delete genuine voter on mass… https://t.co/xEFi9p60oT pic.twitter.com/JhxCxYNQpV
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