नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) को रद्द करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद छात्रों ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना इंडिया गेट मार्च भी वापस ले लिया है।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उन पर कोई कठोर कार्रवाई न हो। उन्होंने कहा, हमने भाजपा शासित राज्यों से भी बात की है और अपना वादा पूरा कर रहे हैं। सरकार के लिए युवाओं का विकास ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
2800 कुख्यात अपराधियों पर क्या है स्थिति? एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब दिल्ली पुलिस ने फेस रिकग्निशन तकनीक का हवाला देते हुए दावा किया कि विरोध स्थल पर 2,800 ऐसे लोग मौजूद थे, जो कुख्यात अपराधी हो सकते हैं। इस पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि अगर ये लोग अपराधी थे, तो वे खुलेआम कैसे घूम रहे थे? उन्होंने मांग की कि यदि वे वास्तव में हिंसा या गंभीर अपराधों में संलिप्त हैं, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया? अदालत ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एफआईआर रद्द करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में छात्रों के खिलाफ ऐसी कोई नई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस को उन 2,873 लोगों के खिलाफ जांच जारी रखने की छूट दी गई है, जिन पर तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। यह राहत केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए है।
मुआवजे और सकारात्मक माहौल पर जोर सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को 90 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने दोनों पक्षों के सकारात्मक रुख की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत से हर समस्या का समाधान संभव है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि रचनात्मक समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Union Minister JP Nadda says, ...Keeping the students’ future in mind, we assured on behalf of the Government of India that the cases registered against the protesting students would be withdrawn and that no harsh action would be taken against them in the future.… pic.twitter.com/wpxGjotwit
— ANI (@ANI) September 1, 2026
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