सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में सामने आए जाली नोटों के मामले ने पूरे बैंकिंग सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। बैंक की चेस्ट से अब तक करीब 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी होने की बात सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
11.50 करोड़ की खेप से खुली पोल मामले की शुरुआत 5 अगस्त को हुई, जब सहारनपुर की सोफिया मार्केट शाखा से 11.50 करोड़ रुपये की नकदी जयपुर स्थित RBI की करेंसी चेस्ट भेजी गई। वहां गिनती के दौरान करीब 4.30 लाख रुपये कम पाए गए। मेरठ PNB के अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती जांच के बाद जब 9 अगस्त से विस्तृत ऑडिट शुरू हुआ, तो बैंक के होश उड़ गए। गिनती में करोड़ों रुपये के नकली नोट बरामद होने लगे, जो जांच के साथ-साथ बढ़ते जा रहे हैं।
हाउसकीपर की करतूत या बड़ी साजिश? जांच में करेंसी चेस्ट के पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि वह गड्डियों से रुपये निकाल रहा था, जो CCTV में भी रिकॉर्ड हुआ। बैंक ने उसे नौकरी से हटाकर केस दर्ज कराया है। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या हाउसकीपर की चोरी और 17 करोड़ के जाली नोटों का आपस में कोई संबंध है, या यह एक सोची-समझी बड़ी साजिश का हिस्सा है।
तीन मैनेजरों पर FIR और निलंबन मामले में लापरवाही के आरोप में बैंक के तीन बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है। इनमें वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और यमुनानगर-जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं। बैंक द्वारा इन तीनों को निलंबित कर दिया गया है। सदर बाजार थाने में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनकी मिलीभगत से यह नकली करेंसी सिस्टम में कैसे दाखिल हुई।
नेस्तनाबूद हुई बैंक की सुरक्षा तकनीक? सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की मशीनों की नजर से कैसे बच गए? आम तौर पर करेंसी चेस्ट में नोटों की गिनती और जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें होती हैं। यदि ये मशीनें करोड़ों के जाली नोट नहीं पकड़ पाईं, तो यह या तो बैंकिंग प्रक्रिया में भारी लापरवाही है या फिर मशीनों को दरकिनार कर नोटों को चेस्ट में डाला गया।
जांच का दायरा बढ़ा, SIT के गठन की तैयारी मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम अरविंद कुमार चौहान और एसएसपी ने मौके का निरीक्षण किया। अब इस पूरे मामले की परतें खोलने के लिए SIT (विशेष जांच टीम) के गठन पर विचार किया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या ये नकली नोट किसी अन्य बैंक शाखा या किसी और करेंसी चेस्ट के जरिए आए थे।
इस बीच, मामले में CBI जांच की अटकलें भी तेज हो गई हैं। फिलहाल, ऑडिट अभी भी जारी है और 17 करोड़ का यह आंकड़ा अंतिम नहीं है। जांच पूरी होने पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह केवल एक स्थानीय बैंक की लापरवाही है या बैंकिंग तंत्र में सेंध लगाने वाला कोई संगठित रैकेट।
*➡️ जनपद सहारनपुर स्थित पंजाब नैशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली नोट पाए जाने एवं वास्तविक नोटों की कमी की शिकायत पर आज दिनांक 31.08.2026 को #DIG_SRR श्री अभिषेक सिंह द्वारा जिलाधिकारी, सहारनपुर श्री अरविंद कुमार चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर श्री अभिनंदन के साथ मौके का… pic.twitter.com/eYpeHssQMf
— DIG RANGE SAHARANPUR (@digsaharanpur) August 31, 2026
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