वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की उड़ान: GDP के 7.8% के आंकड़ों पर सरकार गदगद, विपक्ष ने उठाए सवाल
News Image

दुनिया भर में जारी युद्ध, महंगाई और अनिश्चितता के माहौल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने सबको चौंका दिया है। जून तिमाही में भारत की GDP विकास दर 7.8 फीसदी दर्ज की गई है, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अनुमानों से भी कहीं अधिक है।

वैश्विक संकट के बावजूद मजबूती ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी नीतियों के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं डगमगा रही हैं। इन विपरीत परिस्थितियों के बीच भारत का 7.8 फीसदी की दर से आगे बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

PM मोदी का संदेश: संकल्प और पुरुषार्थ की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता का श्रेय देशवासियों के संकल्प और कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से दुनिया स्थिरता की तलाश में है, लेकिन भारत इस वैश्विक संकट के बावजूद नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पीएम ने निराशा फैलाने वाली ताकतों को दरकिनार कर विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया है।

विपक्ष का हमला: विकास या PR का खेल? सरकार की इस जीत पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लाइट्स, कैमरा और इनएक्शन करार दिया है। विपक्ष का तर्क है कि आंकड़ों की यह चमक आम आदमी की जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि महंगाई और बेरोजगारी का बोझ आम जनता के लिए इस विकास दर के जश्न से कहीं ज्यादा भारी है।

एक्सपर्ट्स की राय: निजी निवेश बना गेम चेंजर आर्थिक जानकारों का मानना है कि बेहद अनिश्चित दौर में यह डेटा काफी उत्साहजनक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता के पीछे सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र (Private Players) द्वारा किया गया भारी निवेश अहम रहा है। यदि निजी निवेश का यह सिलसिला जारी रहता है, तो भारत के लिए आने वाली तिमाहियों में भी इस गति को बनाए रखना संभव होगा।

सियासी रस्साकशी जारी जहां गृह मंत्री अमित शाह और रवि शंकर प्रसाद जैसे भाजपा नेता इसे प्रधानमंत्री मोदी के विजन की जीत बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इन आंकड़ों की विश्वसनीयता और उनके आम जनता पर प्रभाव पर सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल, वैश्विक मंदी की आहटों के बीच भारत का यह आंकड़ा न केवल उम्मीद जगाता है, बल्कि दुनिया के लिए एक उदाहरण भी पेश करता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

एक ड्रोन, एक स्पीकर और उम्मीद का गाना... नेपाल बाढ़ में ये है अब तक का सबसे अनोखा रेस्क्यू ऑपरेशन!

Story 1

पुलिस एसोसिएशन के साथ ठन गई: जयराम महतो का दो-टूक जवाब, मेरी लड़ाई भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ है

Story 1

Vi का बड़ा बदलाव : शाहरुख खान बने ब्रांड एंबेसडर, कंपनी ने पेश किया नया लोगो

Story 1

SCO समिट में पीएम मोदी का कड़ा प्रहार: आतंकवाद पर दोहरे मापदंड रखने वाले देशों को दी चेतावनी

Story 1

नेपाल बाढ़: अपनों के शव की शिनाख्त के लिए DNA और पासपोर्ट प्रक्रिया तेज, जानें कैसे करें संपर्क

Story 1

शिक्षा का मंदिर या मजदूरी का अड्डा? सोनभद्र में बच्चों से ढुलवाईं ईंटें, प्रधानाध्यापिका पर गिरी गाज

Story 1

ग्वालियर: शादी से इनकार करने पर 16 साल की छात्रा की हत्या, प्रेमी और दोस्त गिरफ्तार

Story 1

संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान ला रहे अपनी बायोग्राफी, रहमान: ए रेनेसां में खुलेंगे अनकहे पन्ने

Story 1

दलीप ट्रॉफी 2026: ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी का जलवा, ईस्ट जोन ने फाइनल में मारी एंट्री

Story 1

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: प्रदर्शनकारी छात्रों की FIR रद्द, पर 2800 अपराधियों पर जारी रहेगा कानूनी शिकंजा