पीएम मोदी को गाली देने वाली रुचिका का नया वीडियो: क्या यह विक्टिम कार्ड है या राजनीतिक साजिश?
News Image

सोशल मीडिया पर एक बार फिर रुचिका सिंह चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाली रुचिका ने अब एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में वह दावा कर रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई है और वह लगातार निशाने पर हैं।

शहजाद पूनावाला ने खोली क्रोनोलॉजी भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस वीडियो की टाइमिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूनावाला ने कहा कि 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक और प्रदर्शन प्रस्तावित है और ठीक उससे कुछ दिन पहले इस वीडियो का सामने आना एक सोची-समझी रणनीति की ओर इशारा करता है।

उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी की अपील की और दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई, तो फिर जिंदगी बर्बाद होने का दावा किस आधार पर किया जा रहा है?

माफी से पलटने का खेल? पूनावाला ने याद दिलाया कि पहले भी रुचिका ने वीडियो जारी कर माफी मांगी थी और कहा था कि वह दूसरों के प्रभाव में आकर ऐसा कर रही थीं। अब उनका रुख पूरी तरह बदल गया है। भाजपा नेता का आरोप है कि इस वीडियो को आम आदमी पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल और सीजेपी समर्थकों द्वारा तेजी से फैलाया जा रहा है, ताकि एक नया राजनीतिक नैरेटिव तैयार किया जा सके।

विवाद की जड़ और प्रधानमंत्री का रुख यह विवाद जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन से शुरू हुआ था, जहां रुचिका ने पीएम मोदी के लिए बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो नोएडा में उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज हुई।

इसके बाद 1 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने एक संदेश जारी कर कहा था कि बच्चों की ऐसी गलतियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के बजाय उन्हें सुधारने और सही रास्ते पर लाने की जरूरत है। इस अपील के बाद मामले में नरमी बरती गई थी।

दो अलग-अलग दावे इस पूरे मामले में अब दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। एक तरफ शहजाद पूनावाला जैसे लोग इसे राजनीतिक विक्टिम कार्ड और अटेंशन पाने की कोशिश बता रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ रुचिका के परिवार की ओर से पहले दावा किया गया था कि उन्हें पुलिस और मीडिया के दबाव के कारण अपना घर तक छोड़ना पड़ा है।

फिलहाल, इस नए वायरल वीडियो की सच्चाई और इसके पीछे के असली इरादों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि 5 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले यह राजनीतिक विवाद किस ओर मोड़ लेता है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

होटल कांड में नाम घसीटना पड़ा भारी: तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ का मानहानि नोटिस

Story 1

समंदर की गहराइयों में संकटमोचक : INS निपुण से अभेद्य हुआ भारत का समुद्री सुरक्षा चक्र

Story 1

टोरंटो में गरजे मोहन भागवत: कहा- भारत ने हमेशा हर जरूरतमंद को दी पनाह

Story 1

कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री बनी बारूद का ढेर: 5 की मौत, मलबे में दबे 15 लोग; एयरफोर्स भी रेस्क्यू में जुटी

Story 1

आगरा पुलिस का फिल्मी एनकाउंटर : जींस से तमंचा निकालने का वीडियो वायरल, लोग बोले- इन्हें तो ऑस्कर मिलना चाहिए

Story 1

हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में दो शूटर ढेर, दो पुलिसकर्मी घायल

Story 1

किर्गिस्तान पहुंचे PM मोदी: SCO शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति पर रहेगी नजर

Story 1

बिश्केक में मोदी-पेजेश्कियान की अहम मुलाकात: युद्ध के साये में भारत-ईरान के रिश्तों पर चर्चा

Story 1

क्या पंजाब में लौट रहा है काला दौर ? रवनीत बिट्टू के तीखे हमलों से गरमाई सियासत

Story 1

श्मशान में अघोरी का तांडव: जलती चिता के पास महिला का नरभक्षण वाला वीडियो वायरल, संतों में उबाल