नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही का ऐसा मंजर पेश किया है, जिसे देख पूरी दुनिया स्तब्ध है। आपदा के पांचवें दिन रविवार को भी राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
हिमालयी क्षेत्र में जल प्रलय का कारण
इस विनाशकारी आपदा की शुरुआत 26 अगस्त को हुई थी, जब नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक विशाल हिमनद (ग्लेशियर) टूट गया। इससे उत्पन्न हिमस्खलन के बाद पानी, कीचड़ और मलबे का एक विशाल सैलाब नीचे की ओर बढ़ा। देखते ही देखते मध्य नेपाल के कई कस्बे और गांव इस मलबे के नीचे दब गए। इस आपदा ने न केवल रिहायशी इलाकों को नष्ट किया, बल्कि महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
चितवन बना मौत का सबसे बड़ा केंद्र
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सबसे ज्यादा तबाही चितवन जिले में हुई है, जहां से अब तक 272 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 199, नवलपरासी पश्चिम में 100, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धादिंग में 50, तनहू में 37 और रसुवा में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों का यह आंकड़ा कुल 781 तक पहुंच गया है।
समय के साथ कम होती उम्मीदें
फिलहाल प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती 2,502 लापता लोगों की तलाश करना है। मलबे की मोटी परत और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण राहत दलों को उन इलाकों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जो एक बड़ी राहत है।
विदेशों से मिल रही मदद
नेपाल की इस दुखद घड़ी में भारत समेत कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
पुनर्वास की अब बड़ी चुनौती
बचाव कार्य के साथ-साथ अब हजारों बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की समस्या भी सुरसा की तरह मुंह खोले खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, साफ पानी और सुरक्षित आश्रय की भारी कमी है। सड़कों के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से राहत सामग्री पहुंचाने में भी कठिनाई आ रही है। प्रशासन का अब पूरा ध्यान लापता लोगों की खोज और प्रभावितों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
नेपाल के नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 781 हो गई है। pic.twitter.com/UYijFzYVuG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2026
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