बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे इस मुकाबले में 15 वर्षीय युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी ने टीम की कमान संभाली। यह उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव है।
ईशान किशन की चोट बनी वजह मुकाबले के पहले दिन ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन टॉस जीतकर गेंदबाजी करने उतरे थे। हालांकि, 19वें ओवर में विकेटकीपिंग के दौरान उनके दाएं हाथ की कलाई में चोट लग गई। दर्द अधिक होने के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। उनकी जगह कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग का जिम्मा संभाला।
पहली बार मिली कप्तानी ईशान किशन के बाहर जाने के बाद उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने टीम की बागडोर संभाली। महज नौ फर्स्ट-क्लास मैच खेलने वाले वैभव के लिए यह पहला मौका है जब वे किसी सीनियर घरेलू मैच में कप्तानी कर रहे हैं। इतनी कम उम्र में यह जिम्मेदारी मिलना उनके परिपक्व खेल का प्रमाण है।
बल्ले से बड़ी पारी की तलाश वैभव के लिए यह सेमीफाइनल मैच खुद को साबित करने का बड़ा मंच है। क्वार्टर फाइनल में उनका बल्ला शांत रहा था और वे केवल 8 रन बना सके थे, हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने 2 विकेट लेकर योगदान दिया था। अब टीम को उम्मीद है कि वे दबाव भरे इस मैच में एक बड़ी पारी खेलेंगे।
टी20 की सफलता और भविष्य की राह वैभव को पहचान उनके आक्रामक टी20 खेल से मिली है। IPL 2026 में 776 रनों का अंबार लगाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालिया जिम्बाब्वे दौरे पर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे वैभव ने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। अब रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ना उनके करियर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
CAPTAIN VAIBHAV SOORYAVANSHI 🔥
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 30, 2026
- Vaibhav Sooryavanshi is currently leading the Easy Zone team in Duleep Trophy. pic.twitter.com/cGaFDpceMD
पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा: ऊर्जा, खनिज और रणनीतिक साझेदारी पर टिकीं नजरें
चीन की चुप्पी पर उठे सवाल: नेपाल-तिब्बत में 676 मौतों के बाद वीडियो क्यों हटा रहा ड्रैगन ?
मेसी के फैंस के लिए बड़ी राहत: कोलकाता इवेंट का पैसा लौटाएगी सरकार, 33 हजार प्रशंसकों को मिलेगा रिफंड
कर्नाटक में डेढ़ करोड़ वोटरों पर संकट? मतदाता सूची से नाम कटने के डर से गरमाई सियासत
प्रयागराज: मां गंगा ने किया लेटे हुए हनुमानजी का जलाभिषेक, मंदिर के गर्भगृह में भरा पानी
मुस्लिम न हों, तो वह हिंदू ही नहीं : न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का कड़ा संदेश
नेपाल में जलजला: 188 किमी/घंटे की रफ्तार, हिरोशिमा जैसी तबाही!
13 साल की सेवा के बाद IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, भावुक पोस्ट में बताई वजह
जो मुस्लिम विरोधी, वो हिंदू नहीं : न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का बड़ा बयान
ओवरब्रिज और स्काईवॉक में क्या है अंतर? नोएडा की वायरल तस्वीरों के बाद जानें सच