2027 से पहले जयप्रकाश के नाम पर बड़ा सियासी धमाका: CM योगी ने खोला सपा शासन का भ्रष्टाचार का पिटारा
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। निशाना बना है राजधानी लखनऊ का ड्रीम प्रोजेक्ट—जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC)।

200 करोड़ की लागत, 864 करोड़ का खर्च और इमारत फिर भी अधूरी

सीएम योगी ने सदन और मंचों से सपा शासनकाल के भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई की लूट की।

उन्होंने बताया कि जिस प्रोजेक्ट की शुरुआती अनुमानित लागत महज 200 करोड़ रुपये थी, वह सपा कार्यकाल में बढ़कर 864 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि इतना पैसा खर्च होने के बाद भी इमारत अधूरी ही रही। योगी ने स्पष्ट किया कि यह पैसा किसी सैफई सिंडिकेट का नहीं, बल्कि यूपी की जनता का टैक्स था।

प्राइवेट लिमिटेड बनाने की साजिश?

सीएम योगी ने गंभीर आरोप लगाया कि JPNIC को सरकारी खजाने से खड़ा करके इसे एक निजी संपत्ति बनाने की तैयारी थी। उन्होंने दावा किया कि सपा के खास नेताओं को शामिल कर एक कमेटी बनाई गई थी, जिसका मकसद होटल, जिम और क्लब जैसी सुविधाओं वाले इस सेंटर का मालिकाना हक एक परिवार के पास रखना था।

2017 में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई गई और जांच लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपी गई। सरकार ने कड़ा संदेश दिया है कि जनता के एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा।

जीरो टॉलरेंस बनाम बौखलाहट

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए सीएम योगी ने कहा, हमारी डबल इंजन सरकार जनता के पैसे की लूट बर्दाश्त नहीं करेगी। जब से सपा का खजाना लुटना बंद हुआ है, उनके नेता बौखलाहट में अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

2027 का रोडमैप: विकास बनाम भ्रष्टाचार

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले योगी का यह आक्रामक रुख विपक्ष के पीडीए (PDA) दावों की काट है। JPNIC के मुद्दे को उठाकर बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में विकास बनाम भ्रष्टाचार ही मुख्य एजेंडा होगा।

यह साफ है कि यूपी की राजनीति अब आर-पार की लड़ाई की ओर बढ़ रही है, जहां पुरानी फाइलों की धूल झाड़कर विपक्ष को कटघरे में खड़ा करना बीजेपी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।

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