उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: पीएम मोदी को मिला ओलिया दर्जाली दुस्तलिक , वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ा मान
News Image

ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे का दूसरा दिन ऐतिहासिक रहा। उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ओलिया दर्जाली दुस्तलिक (Order of Oliy Darajali Dustlik) से नवाजा है। यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की नई इबारत लिख रहा है।

140 करोड़ भारतीयों को समर्पित सम्मान

इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने विनम्रता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी विरासत और 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने इसे दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती के नाम किया।

जिम्मेदारी बढ़ी, पीछे नहीं हटेगा भारत

पीएम ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत अपनी वैश्विक जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने उज्बेकिस्तान के साथ संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

व्यापार से लेकर डिफेंस तक चर्चा का दौर

ताशकंद में राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव और पीएम मोदी के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई। इस दौरान व्यापार, डिफेंस, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच एक अरब डॉलर के व्यापार को और आगे बढ़ाने पर खास जोर दिया गया।

साझा विरासत और सांस्कृतिक एकता

भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्ते केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सभ्यतागत हैं। ताशकंद में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दोनों देशों की साझा विरासत की झलक दिखी। कलाकारों की जुगलबंदी ने यह संदेश दिया कि भविष्य में दोनों देश न केवल आर्थिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी गहराई से जुड़े रहेंगे।

अब बिश्केक में गूंजेगी भारत की आवाज

उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के लिए रवाना होंगे। वहां 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में वे भाग लेंगे। बिश्केक में भारत की ओर से क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर वैश्विक विमर्श को धार दी जाएगी।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

रांची में आदिवासी एकता महाजुटान आज: राजधानी छावनी में तब्दील, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर

Story 1

दलीप ट्रॉफी: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी बने कप्तान, ईशान किशन के चोटिल होते ही बदली किस्मत

Story 1

दलीप ट्रॉफी: रिंकू सिंह का अर्धशतकीय प्रहार, वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी में ईस्ट जोन ने कसा शिकंजा

Story 1

नेपाल की भीषण बाढ़ में कैसे अडिग रहा यह ग्रीन हाउस ? इंजीनियरिंग का वो चमत्कार जिसने सबको चौंकाया

Story 1

IIT-IIM से IAS तक का सफर: दिव्या मित्तल ने छोड़ी सरकारी नौकरी, भावुक पोस्ट में बताई वजह

Story 1

उज्बेकिस्तान का बड़ा सम्मान: पीएम मोदी को मिला ओली दराजली दुस्तलिक , राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की जमकर तारीफ

Story 1

IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा: IIT-IIM की डिग्री छोड़ देश सेवा की राह चुनने वाली अफसर ने क्यों छोड़ी सरकारी कुर्सी?

Story 1

बाप ने ही रची बेटे की मौत की साजिश: इलाज के बहाने ले जाकर उतारा मौत के घाट

Story 1

मोदी, पुतिन और शी का शक्ति प्रदर्शन: क्या बिश्केक में भारत की मुराद पूरी होगी?

Story 1

उज्बेकिस्तान में उड़े जब-जब जुल्फें तेरी : नन्हे बच्चों के डांस पर फिदा हुए PM मोदी