राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में एक दुनिया, एक मानवता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदुत्व, मुस्लिम समुदाय और मानवता के भविष्य पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके संबोधन के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
मोहन भागवत ने 2018 के एक पुराने वाकये का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है, तो वह हिंदू होने का अर्थ ही नहीं समझता। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू परंपरा का मूल आधार विविधता में एकता है। किसी को बाहर करना हिंदू विचार नहीं हो सकता, क्योंकि हिंदू धर्म सत्य को एक ही मानता है, भले ही वहां तक पहुंचने के रास्ते अलग-अलग हों।
भागवत ने धर्मों की तुलना समुद्र तक जाने वाली अलग-अलग नदियों से की। उन्होंने समझाया कि पूजा के तरीके, अनुष्ठान और परंपराएं भले ही भिन्न हों, लेकिन उन सबका अंतिम लक्ष्य परम सत्य और दिव्यता को प्राप्त करना है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि यदि रोशनी की ओर इशारा करने वाली उंगली को ही कोई सत्य मान ले, तो वह कभी प्रकाश तक नहीं पहुंच पाएगा। रीति-रिवाज केवल संकेत हैं, मंजिल नहीं।
एक पशु चिकित्सक (वेटरिनरी डॉक्टर) होने के नाते, भागवत ने कुत्तों और इंसानों की दृष्टि का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि हर जीव दुनिया को अपनी सीमाओं और क्षमताओं के अनुसार देखता है। इसी तरह, इंसान भी अपने अनुभवों के आधार पर सत्य को देखता है। इसलिए, मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि अलग-अलग अनुभवों के पीछे की वास्तविकता एक ही हो सकती है।
RSS की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए भागवत ने विमान हादसे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब अरब देशों के विमान का हादसा हुआ, तो स्वयंसेवकों ने बिना यह देखे कि पीड़ित मुस्लिम हैं या नहीं, पूरी निष्ठा से मदद की। उन्होंने दावा किया कि संघ के 1.30 लाख सेवा प्रकल्पों में भी मदद के समय पहचान नहीं, केवल जरूरत देखी जाती है।
मोहन भागवत ने संदेश दिया कि देश में बड़ा बदलाव राजनीति से नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने से आएगा। उन्होंने कहा, जब तक समाज का मिजाज नहीं बदलेगा, राजनीति पर उसका असर नहीं दिखेगा। उन्होंने बदलाव को जमीन तक ले जाने की वकालत करते हुए कहा कि ज्ञान सभी को है, लेकिन उसे आदत में बदलना चुनौती है। उन्होंने इसे अपनी डायबिटीज और खान-पान के उदाहरण से जोड़ते हुए समझाया कि सही व्यवहार अपनाने के लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है।
#WATCH | New York, US: At the One World One Humanity event, RSS Chief Mohan Bhagwat says, If any Hindu thinks that there should be no Muslim in Bharat, he will not remain Hindu. If you want to call yourself Hindu, you must believe that all paths are leading to the same goal… pic.twitter.com/e5UYZPppU8
— ANI (@ANI) August 29, 2026
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