काठमांडू में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने नेपाल को झकझोर कर रख दिया है। नेपाल के जाने-माने व्यवसायी और चौधरी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि इस स्तर की तबाही के लिए कोई भी तैयार नहीं था।
बिनोद चौधरी ने बताया कि 2015 के भूकंप और कोविड जैसी आपदाओं को झेल चुके नेपाल के लिए यह प्रलय सबसे खौफनाक और अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा, इस बार हमने देखा कि महज कुछ मिनटों के भीतर पूरे के पूरे गांव पानी में बह गए। पक्के पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गए। हमें समझ नहीं आ रहा था कि यह तबाही कहां जाकर रुकेगी।
चौधरी ने चीन के साथ लगी सीमाओं पर हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए चीन की निर्माण क्षमताओं पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, चीन दुनिया भर में अपने आधुनिक और मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है। लेकिन अगर इस आपदा ने चीन को जोड़ने वाले पुलों और पक्के ढांचों को भी तबाह कर दिया, तो इससे आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस गंभीर संकट के बीच बिनोद चौधरी ने कहा कि फिलहाल सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता उन लोगों को बचाना है जो जीवित बच गए हैं। उन्होंने सरकारी तंत्र की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पूरा सिस्टम सक्रिय दिखा है। हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है, जिससे अनगिनत जानें बचाई जा सकी हैं।
राहत कार्यों के बावजूद तबाही का मंजर बेहद दुखद है। शुरुआती रिपोर्ट्स और जमीनी हालातों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा 7,000 के पार पहुंच सकता है। कई ऐसे गांव हैं जिनका नामोनिशान तक मिट चुका है।
फिलहाल नेपाल सरकार, सुरक्षा बल और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां युद्ध स्तर पर मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और टूट चुके रास्तों के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा आ रही है। यह आपदा अब जलवायु परिवर्तन और पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
#WATCH | Kathmandu: Nepal Flash Floods | Binod Chaudhary, former Member of Parliament, Nepalese billionaire businessman, and Chairman and President of the Chaudhary Group, says, My immediate reaction was of absolute shock and immense sadness. Nepal, as you rightly pointed out,… pic.twitter.com/7gtcWZufM6
— ANI (@ANI) August 29, 2026
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