प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा पर हैं। व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे कूटनीतिक मुद्दों से परे, मध्य एशिया का यह देश अपनी भौगोलिक और ऐतिहासिक विचित्रताओं के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र रहता है। आइए जानते हैं इस देश से जुड़े 21 हैरान करने वाले फैक्ट्स।
भौगोलिक पहेली: चारों तरफ जमीनी दीवार उज्बेकिस्तान दुनिया के उन दो देशों में से एक है जो डबल लैंडलॉक (Double Landlocked) हैं। इसका मतलब है कि इसके पड़ोसी देश भी समुद्र से नहीं जुड़े हैं। यहाँ कोई समुद्र तट नहीं है, फिर भी यहाँ विशाल नदियाँ और झीलों का तंत्र मौजूद है।
इतिहास और वास्तुकला की विरासत समरकंद, बुखारा, खिवा और शखरिसाब्ज जैसे शहर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। 2750 साल पुराना समरकंद कभी सिल्क रोड का मुख्य केंद्र था, जहाँ से व्यापार के साथ-साथ ज्ञान और संस्कृति का आदान-प्रदान होता था। उज्बेकिस्तान के शासक रहे उलुग बेग महज राजा नहीं, बल्कि एक महान खगोलशास्त्री भी थे।
अरल सागर की खौफनाक सच्चाई कभी दुनिया की सबसे बड़ी झीलों में शुमार अरल सागर आज पर्यावरणीय त्रासदी का प्रतीक बन चुका है। सिंचाई परियोजनाओं के कारण यह सूख गया है, जिससे अब वहां सिर्फ रेत और नमक का मैदान बचा है। यह इलाका अब रेगिस्तान में तब्दील हो चुका है।
भारत से गहरा भावनात्मक जुड़ाव उज्बेकिस्तान का भारत के साथ पुराना रिश्ता है। 1966 का प्रसिद्ध ताशकंद समझौता भारतीय इतिहास का अहम हिस्सा है, जहाँ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ था। आज भी ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर दोनों देशों की दोस्ती की मिसाल बने हुए हैं।
सोवियत छाप और आधुनिक जीवन 1991 में सोवियत संघ से आजादी के बाद, यहाँ की संस्कृति में मध्य एशियाई परंपराओं और रूसी वास्तुकला का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। ताशकंद का मेट्रो नेटवर्क किसी कला संग्रहालय से कम नहीं है, जहाँ हर स्टेशन की सजावट अलग है।
खान-पान और भाषा यहाँ की आधिकारिक भाषा उज्बेक है, लेकिन रूसी का प्रभाव भी व्यापक है। अगर आप उज्बेकिस्तान जाएं तो वहां का पारंपरिक व्यंजन प्लोव (Plov) चखना न भूलें, जो चावल, मांस और मसालों का एक अनूठा मेल है।
क्या आप जानते थे कि सिकंदर महान (Alexander the Great) ने भी अपने अभियानों के दौरान इस क्षेत्र पर कदम रखा था? उज्बेकिस्तान का इतिहास सम्राटों, खगोलशास्त्रियों और व्यापारियों की इन कहानियों से भरा हुआ है, जो इसे आधुनिक कूटनीति के साथ-साथ एक बेहद दिलचस्प पर्यटन स्थल भी बनाता है।
#WATCH | India-Uzbekistan ties are poised for a significant boost as PM @narendramodi undertakes his fourth visit to Uzbekistan. The two sides are focusing on doubling bilateral trade over the next three years, with Indian investments in Uzbekistan already crossing $1 billion.… pic.twitter.com/jccD9aeR0Z
— DD News (@DDNewslive) August 28, 2026
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