सोनिया गांधी की किताब पर छिड़ा सियासी घमासान: संस्मरण या फिक्शन?
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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के आगामी संस्मरण Belonging: A Journey of Love के प्रकाशन को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा किताब प्रकाशित करने से कदम पीछे खींचने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं।

विवाद की जड़: प्रकाशक ने क्यों पीछे खींचे हाथ?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनिया गांधी ने अपनी पांडुलिपि (manuscript) में संपादकीय बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद प्रकाशक ने इसे छापने से मना कर दिया। कांग्रेस का आरोप है कि किताब में पीएम मोदी, आरएसएस और चीन के मसलों पर लिखी गई बातों को हटाने के लिए प्रकाशक पर भारी दबाव बनाया गया था।

बीजेपी का तीखा हमला: हड़बड़ी में गड़बड़ी

बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि संस्मरण के नाम पर फिक्शन (कल्पना) परोसने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, अगर आप संस्मरण के नाम पर सियासीकरण करेंगे, तो सवाल तो उठेंगे ही। यह हड़बड़ी में गड़बड़ी जैसा मामला है।

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता सीआर केशवन ने कांग्रेस के दावों को पाखंड करार दिया। उन्होंने पूर्व कांग्रेसी नेता के. नटवर सिंह की किताब का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर सोनिया गांधी को फैक्ट-चेक से इतनी आपत्ति क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल डर का माहौल बना रही है।

कांग्रेस का पलटवार: सरकार को किताब पढ़ने से डर

कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी सांसद गौरव गोगोई ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पेंगुइन इंडिया को एग्जाम वॉरियर्स और आरएसएस पर किताबें छापने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे सोनिया गांधी की किताब से डर रहे हैं।

गोगोई ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के भीतर कुछ ऐसे लोग हैं जो नहीं चाहते कि भारत की जनता इस किताब को पढ़े।

दबाव की राजनीति का आरोप

कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। कांग्रेस सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार इसी तरह का दबाव पहले भी अन्य लेखकों पर बना चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब का मुद्दा भी उठा चुके हैं, जिसे रोकने की कोशिश की गई थी।

फिलहाल, इस किताब को लेकर मची यह सियासी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है, और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं।

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